Sunday Mar 22, 2026

कलश संगीत कला समिति के तत्वाधान में चंपावत में कुमाऊंनी बैठकी होली

देवभूमि टुडे

चंपावत। कुमाऊंनी बैठकी होली में होल्यारों ने होली गायन के बहुरंग बिखेरे। कलश संगीत कला समिति के तत्वाधान में कलश संगीत कला समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया के आवास में 7 फरवरी की रात हुई कुमाऊंनी बैठकी होली का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। समिति के संरक्षक एनडी गड़कोटी की अध्यक्षता में हुई कुमाऊंनी बैठकी होली का शुभारंभ हेम पांडेय ने राग काफी में "मय्या के मंदिर में दीपक वारो, मय्या सगुन विचारों" से हुआ।

 

चंपावत में कुमाऊंनी बैठकी होली।

सुनील पांडेय ने राग काफी दादरा में "कहूँ क्या तेरे भूलने की वारी, कन्हय्या याद है कुछ भी हमारी, शारदे", संगीत महाविद्यालय लोहाघाट के प्रबंधक राजू पंत ने राग काफी "गाओ सुहागन होली, बरस की घड़ी अलबेली", गिरीश पंत ने राग खम्माच "चतुर कन्हायी तुम जाने नहीं पावोगे, मैं तुमसे खेलूगी होली", बाल कलाकार चिरंजीव आयुष भट्ट ने राग जंगला काफी में "छोड़ चली सब काम धाम, कैसी बन्सिया बजायी घनश्याम", दिनेश बिष्ट ने राग सहाना में "झूठी रे झूठी मोसे बतिया बनाई, जाय सौतन संग, रतिया बिताई", मेजबान हिमेश कलखुड़िया ने राग देश  में "प्रेम प्रीत को रंग बरसत जहाँ, चलो वृंदावन धाम", महेश जोशी ने राग जैजैवंती में "आजा रे बलमा आजा मोरे डेरे, अबीर गुलाल मलू मुख तोर", तुलसी दत्त जोशी ने राग सहाना में" कलंक लगे सो लगे, मोरी आली, आज पिया के मैं गरूवा लगूंगी" होली गीत से विविध रंग बिखेरे। प्रेम बल्लभ भट्ट,  डॉ. संतोष पांडेय ने भी कुमाऊंनी बैठकी होली प्रस्तुत की।

तबले पर संगत दिनेश बिष्ट, अंकित जोशी संगीत शिक्षक मां शारदे संगीत महाविद्यालय लोहाघाट एंव बाल कलाकार मंयक नरियाल ने किया। इस अवसर पर BJP महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष व ग्राम प्रधान रेखा भट्ट, जीवन कलखुड़िया, नीरज कलखुड़िया, शैलेश कलखुड़िया, नितिन कलखुड़िया, मोहित बिष्ट, मीना कलखुड़िया आदि मौजूद थे।




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