Monday Jun 8, 2026

किरोड़ा नाले से बचाव के लिए 700 मीटर लंबी वायरक्रेट लगाने की ग्रामीणों ने डीएम से मांग की

घसियारामंडी और बोरागोठ के लिए खतरा बना किरोड़ा नाला

नाले के उफान पर आने से गांवों में भर जाता है पानी

देवभूमि टुडे

चंपावत/टनकपुर। चंपावत जिले के प्रवेशद्वार टनकपुर के घसियारामंडी और बोरागोठ के ग्रामीणों ने किरोड़ा नाले की बाढ़ से बचाव के लिए उपाय करने की मांग की है। किरोड़ा पुल के निचले हिस्से में 700 मीटर लंबी वायरक्रेट लगाने की मांग करते हुए आज 8 जून को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा गया।

ज्ञापन।

ग्रामीणों के मुताबिक बरसात में किरोड़ा नाले के उफान पर आने से पानी घसियारामंडी एवं बोरागोठ के अनेकों घरों में घुस जाता है। पिछले वर्ष भी नाले का पानी ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में आने वाले घरों एवं दुकानों में घुस गया था। जिससे लोगों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था। समस्या से निजात के लिए ग्रामीण वर्ष 2020 से किरोड़ा पुल के नीचे वाले हिस्से में सीसी ब्लॉक, बंधा निर्माण करने की मांग करते रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन में कहा है कि पहाड़ों से पानी संग बहकर आने वाले बोल्डरों एवं मलबे से किरोड़ा नाले का रूख गांवों की ओर हो गया है।

पुल के नीचे नाले के पूर्वी हिस्से में अत्यधिक मात्रा में पत्थर, बोल्डर एवं आरबीएम जमा हो गया है, जिससे मानसून काल में भीषण आपदा का खतरा है। ज्ञापन में सभासद बबीता वर्मा, पूर्व सभासद योगेश पांडेय, नायकगोठ की ग्राम प्रधान कंचन देवी, संजय पाठक, किशन लाल, अनिल कुमार आदि के हस्ताक्षर हैं।




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