दोषी पर 1.60 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया, अर्थदंड नहीं देने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा
मई 2023 में चंपावत के चौकी गांव में हुई थी अनुसूचित जाति की एक युवती की हत्या
चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय का फैसला
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत के चौकी गांव में मई 2023 में हुई अनुसूचित जाति की एक युवती की हत्या के आरोपी को अदालत ने दोषी पाया है। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया गया है। हत्या में दोषी पाया गया व्यक्ति कथावाचक है। चंपावत के विशेष सत्र न्यायालय (एससी/एसटी) ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1.60 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। गुनाहगार इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील कर सकता है। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्यादत जोशी ने पैरवी की।
चंपावत के चौकी गांव की दलित युवती बबीता विश्वकर्मा (22) की 16 मई 2023 को गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा था। मृतका के पिता सुरेश राम की तहरीर पर चंपावत कोतवाली पुलिस ने 17 मई 2023 को आरोपी कथावाचक गौरव पांडेय के खिलाफ IPC की धारा 302, 201 और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। आरोप पत्र दायर होने के बाद अदालत में मामले की सुनवाई हुई।
विशेष सत्र न्यायालय ने विभिन्न गवाहों, साक्ष्यों, बयानों और तमाम दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। विशेष सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने दोषी गौरव पांडेय को IPC की धारा 302 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 1 लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर 1 साल का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा। IPC की धारा 201 के अंतर्गत 5 वर्ष का साधारण कारावास व 10 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर 1 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। SC/ST एक्ट की धारा 3(2) (V) के अंतर्गत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड दिया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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