संगीत है संस्कृति से जोड़ने का जरिया:DM मनीष कुमार
कलश संगीत कला समिति चंपावत के तत्वावधान में आयोजित वार्षिक संगीत प्रतियोगिता
देवभूमि टुडे
चंपावत। कलश संगीत कला समिति चंपावत के तत्वावधान में आयोजित वार्षिक संगीत प्रतियोगिता के दूसरे दिन संगीत साधना और प्रतिभा के इस उत्सव में चंपावत जिला सहित आसपास के क्षेत्रों से आए बच्चों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य अतिथि DM मनीष कुमार ने कहा कि संगीत मानव जीवन को संवेदनशीलता, अनुशासन और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं और बच्चों को प्रतिभा निखारने का मौका प्रदान करते हैं और भारतीय संगीत परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
DM मनीष कुमार ने कलश संगीत कला समिति द्वारा क्षेत्र में संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। कहा कि कलश संगीत कला समिति स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।




प्रतियोगिता के दूसरे दिन आज 21 जून में विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने सुगम संगीत, शास्त्रीय गायन एवं शास्त्रीय वादन विधाओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों की सुरमयी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। शास्त्रीय संगीत की गंभीरता, वादन की मधुरता और सुगम संगीत की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन स्वर, ताल, लय, प्रस्तुति एवं मंच कौशल के आधार पर किया गया।
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. बीसी जोशी के संचालन में हुए कार्यक्रम में कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कुमाऊं मंडल विकास निगम के निदेशक रोहित बिष्ट, डॉ. मनीषा, व्यापार संघ अध्यक्ष विकास साह, ग्राम प्रधान रेखा भट्ट, सभासद प्रेमा चिलकोटी, फार्मासिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री डॉ. सतीश पांडेय, सतीश चंद्र जोशी, पवन गिरी, बंशीधर थ्वाल, राजू पंत, विनीता अधिकारी, तारा दत्त पांडेय, सुरेश चंद्र तिवारी, पूर्व सभासद नरेश जोशी, जीवन कलखुड़िया आदि ने कहा कि संगीत केवल कला नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन और सृजनात्मकता का विकास होता है। उन्होंने कलश संगीत कला समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे जिले की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में कलश संगीत कला समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया के नेतृत्व में समिति के सभी सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन को सफल बनाने में प्रेम बल्लभ भट्ट, गिरीश पंत, दिनेश बिष्ट, महेश जोशी, नवीन पंत, जनार्दन चिलकोटी, राजेंद्र गहतोड़ी, सागर मौनी, संतोष पांडेय सहित सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
वहीं युवा स्वयंसेवक कंचन, हर्षित, ध्रुव तथा आयुष भट्ट ने मंच व्यवस्था, अतिथि सत्कार एवं कार्यक्रम संचालन संबंधी व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान प्रदान किया। समिति के अध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, निर्णायक मंडल, प्रतिभागियों, अभिभावकों, सहयोगियों एवं सभी संगीत प्रेमियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य क्षेत्र की संगीत प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है।
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