Sunday Jul 5, 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

देवभूमि से शिवधाम की पावन यात्रा का शुभारंभ श्रद्धा, संस्कृति और आतिथ्य का अद्भुत संगम

49 यात्रियों का दल शुक्रवार शाम पहुंचा था टनकपुर, शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ भी  उठाया

देवभूमि टुडे

चंपावत/टनकपुर। उत्तराखंड के रास्ते हो रही कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ आज 5 जुलाई को टनकपुर से हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदा पर्यटक आवास गृह से यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय एवं सफल यात्रा की कामना की। पारंपरिक छलिया नृत्य से स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष की माला एवं भगवान शिव का पटका पहनाकर स्वागत किया और उनसे संवाद भी किया। कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। CM ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही किसी श्रद्धालु को इस पवित्र यात्रा का अवसर प्राप्त होता है। यात्रा के दौरान आने वाली प्रत्येक चुनौती का सामना श्रद्धा और धैर्य के साथ करना चाहिए, क्योंकि शिव में अटूट विश्वास ही सभी कठिनाइयों को सरल बना देता है। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के लिए विकास और समृद्धि का माध्यम भी है। यह यात्रा सीमांत गांवों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवन से देशभर के लोगों को जोड़ती है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों की खरीद कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने का आह्वान किया। CM धामी ने कहा कि देशभर में प्राचीन मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी की सुखद एवं सफल यात्रा की प्रार्थना की।

सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अनिल कुमार जैन सहित अन्य यात्रियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए बेहतर प्रबंध किए गए हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा दल का स्वागत करते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

शनिवार शाम पहुंचा था दल:

शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे प्रथम दल का देवभूमि की परंपरा के अनुरूप छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा, फूल-मालाओं एवं भव्य स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया। जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।

शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष एवं 15 महिला श्रद्धालु हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के श्रद्धालु सम्मिलित हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय एकता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

68 वर्षीय सबसे बड़े और कम उम्र के 21 वर्षीय यात्री शामिल

दल के साथ तमिलनाडु के डा. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा श्रद्धालु हैं।

ये रहे मौजूद:

जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, पालिकाध्यक्ष विपिन कुमार, मंडलायुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत, पुलिस महानिरीक्षक निवेदिता कुकरेती, कुमाऊं मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, DM मनीष कुमार, SP रेखा यादव, कुमाऊं मंडल विकास निगम के GM मनोज कुमार, SDM प्रमोद कुमार, ITBP, सेना, SSB एवं ग्रेफ के अधिकारी, विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु एवं नागरिक मौजूद थे।




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