चंपावत के छतार के शहीद स्वर्गीय शिरोमणि चिल्कोटी चिल्ड्रन पार्क में नन्हें बच्चों की संस्कृति और संस्कार सहेजने की सामूहिक पहल
मोबाइल के इस दौर में बच्चों की पहल की हो रही प्रशंसा
देवभूमि टुडे
चंपावत। आज 20 अक्टूबर को विजयदशमी पर देश के तमाम हिस्सों में असत्य, अन्याय के प्रतीक रावण का पुतला फूंका गया। वहीं चंपावत के छतार में विजयदशमी का कार्यक्रम खास था। इस मायने में कि इस पर्व पर नन्हे-मुन्नों ने न केवल रावण का पुतला फूंका, बल्कि इस पुतले को खुद बनाया भी। आज विजयदशमी पर्व पर छतार का शहीद स्वर्गीय शिरोमणि चिल्कोटी चिल्ड्रन पार्क पर्व की विरासत को सहेजने के नन्हें बच्चों के प्रयासों का साक्षी बना।



राघव, माधव, चेतन सहितक्षेत्र के 12 साल के कई बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय दिया। इन बच्चों ने कागज़, बांस के टुकड़ों और सजावटी सामान से रावण का पुतला तैयार किया। और आज दशहरे के दिन इस पुतले का दहन किया गया। असत्य और अन्याय के प्रतीक रावण के पुतले में अग्नि प्रवाहित होने पर पार्क और आसपास का इलाका 'सियापति राम की जय' के गगनभेदी उद्घोष और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस मौके पर बड़ी संख्या में मौजूद लोगो ने नन्हें बच्चों के इस स्वदेशी और सामूहिक प्रयास पर पीठ थपथपाते हुए इसे समाज को सीख देने वाला बताया। कहा कि आज के डिजिटल दौर में जहां बच्चे टीवी और मोबाइल की गिरफ्त में हैं, वहीं छतार के बच्चों की सामूहिकता के जरिए परंपरा को सहेजना प्रेरणादायक है। यह संस्कृति और संस्कार सहेजने की मिसाल है। बुजुर्गों का कहना था कि बच्चों ने भी यह संकल्प लिया कि वे हर साल इसी तरह अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखेंगे और विजयादशमी का पर्व भाईचारे के साथ मनाएंगे।
© 2026. All Rights Reserved.