कुमाऊं का पहला जिला है चंपावत जहां सरकारी अस्पताल में MRI का लाभ मिलेगा
क्रिटिकल केयर यूनिट में लगी है MRI मशीन
देवभूमि टुडे
चंपावत। कुमाऊं का पहला जिला है, जहां जिला चिकित्सालय स्तर के अस्पताल में MRI (मैग्रेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) मशीन लगी है। अस्पताल परिसर से करीब 300 मीटर की दूरी पर निर्माणाधीन CCU (क्रिटिकल केयर यूनिट) भवन में यह मशीन DM मनीष कुमार के प्रयास से लगी है। प्रदेश के अन्य CCU में CT स्कैन मशीन लगी है, लेकिन चंपावत के जिला अस्पताल में दो साल पहले से CT स्कैन मशीन की सुविधा होने से DM ने चंपावत के CCU में MRI के प्रयास किए थे। अब यह मशीन लग भी चुकी है, लेकिन इंतजार इसके चलने का है।
चिकित्सा विभाग का कहना है कि MRI मशीन इंस्टॉल की जा चुकी है। ऐसे में कई लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर इसका लाभ मरीजों को क्यों नहीं मिल रहा है? इसके संचालन में देरी क्यों हो रही है? अलबत्ता चिकित्सा विभाग का कहना है कि जल्द ही लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। वैसे बता दें कि 4 मई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चंपावत गोल्ज्यू महोत्सव के उद्घाटन में हिस्सा लेने का कार्यक्रम था, कार्यक्रम के दौरान इस मशीन का लोकार्पण भी होना था। लेकिन बारिश और मौसम की खराबी से सीएम का कार्यक्रम टल गया।
इसलिए होता है MRI:
MRI का उपयोग शरीर के अंदरूनी अंगों, मांसपेशियों, हड्डियों और ऊतकों की स्पष्ट और विस्तृत तस्वीरें प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इसमें हानिकारक विकिरण के बजाय शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्रों और रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है। ये जांच मुख्य रूप से मस्तिष्क के ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी की समस्याओं, जोड़ों के दर्द, आंतरिक अंगों में चोट या बीमारी का सही-सही पता लगाने के लिए किया जाता है।
20 करोड़ से बना है CCU का बहुमंजिला भवन:
चंपावत में 50 शैय्याओं वाले CCU भवन का निर्माण 20.22 करोड़ रुपये से निष्प्रयोज्य रोजिन फैक्टरी परिसर में कराया गया है। कार्यदाई एजेंसी ब्रिडकुल का कहना है कि सिविल वर्क तकरीबन पूरा कराया जा चुका है। अलबत्ता CCU में लिफ्ट सहित कुछ अन्य काम बाद में जोड़े गए हैं। इस काम को इस साल 13 जनवरी को कराने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रणकोची मंदिर के दौरे के दौरान ऐलान किया था। ग्रामीण निर्माण विभाग इस काम को करा रहा है।

क्या कहते हैं चिकित्साधिकारी:
MRI मशीन इंस्टॉल हो चुकी है। मशीन लगाने वाली कंपनी ने ट्रायल भी पूरा करा लिया है। साथ ही प्रशिक्षण भी दिया चुका है। 2 तकनीशियन भी रखे हैं। हमारी तैयारी पूरी है। मशीन का संचालन जल्द से जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. देवेश चौहान,
मुख्य चिकित्साधिकारी,चंपावत।

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