3 साल से भटक रहा ग्रामीण लेकिन कोई सुनवाई नहीं
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग की कटिंग से खतरे की जद में है इजरा के रमेश चंद्र का मकान
DM से लगाई सुरक्षा की गुहार
देवभूमि टुडे
चंपावत। आपदा से निपटने की कागजी तैयारी और जमीन की तैयारी मेल नहीं खा रही है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे के अमोड़ी के इजरा लोक में रोड कटिंग से बीते 3 साल से खतरे की जद में है, लेकिन आज तक समाधान नहीं मिला। लगातार भूस्खलन होने से भवन स्वामी को कई बार दूसरी जगह रात काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। हद तो यह हो गई कि बीते 3 वर्षों से पीड़ित मकान की सुरक्षा के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है अब उन्होंने DM से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

चंपावत से 29 किमी दूर कोट अमोडी ग्राम पंचायत के इजरा तोक में रमेश चंद्र का आवासीय मकान 3 वर्ष पूर्व एनएच कटिंग के दौरान खतरे की जद में आ गया था। तबसे वे लगातार मकान की सुरक्षा के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। भवन स्वामी का कहना है कि जल्द सुरक्षा के इंतजाम नहीं हुए, तो दोमंजिले मकान के गिरने का खतरा हो सकता है। पीड़ित ने अब DM मनीष कुमार से मकान की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है। कहा कि बारिश के दौरान में उन्हें किसी दूसरे के मकान में रहकर दिन गुजारने पड़ रहे हैं। बताया कि NH खंड सहित अन्य संबंधित विभागों में कई बार प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इधर एनएच के अधिशासी अभियंता विभोर गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में है और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार को 70 लाख रुपए की डीपीआर बनाकर स्वीकृत के लिए भेजी है।
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