लगातार तीसरे दिन खराब हुई रोडवेज की लोहाघाट डिपो की बस
बरेली से लोहाघाट आ रही रोडवेज की यह बस 3 दिन पहले भी हुई थी खराब
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। रोडवेज बस कब कहां खराब हो खड़ी हो जाए? इस सवाल का जवाब आसान नहीं। बीते 3 दिनों में रोडवेज की 4 बसें मुसाफिरों को धोखा दे चुकी है। आज 30 अगस्त को भी एक बस खराब हुई। इसके चलते यात्रियों की खूब फजीहत हुई। खास बात यह है यह बस 3 दिन पूर्व भी लोहाघाट से बरेली जाते वक्त महज 5 किमी दूर मानेश्वर में खराब हुई थी।
परिवहन निगम की बरेली से टनकपुर आ रही लोहाघाट डिपो की बस (यूके 07पी ए 4304) मंजिल से करीब 13 किलोमीटर पहले दगा दे गई। बस के खराब होने से बस में सवार 13 यात्रियों को दुश्वारी झेलनी पड़ी। बस स्टाफ के मुताबिक बस में कररंट आने में दिक्कत आने से ये समस आई। बाद में यात्रियों को दूसरी बस से लोहाघाट की ओर भेजा गया। सहायक मंडलीय प्रबंधक धीरज वर्मा का कहना है कि लोहाघाट डिपो में बसों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इस वक्त लोहाघाट डिपो के पास कुल 27 बसें हैं। 10 और बसों की डिमांड की गई है।
28 अगस्त से अब तक खराब हुई रोडवेज बसें:
28 अगस्त:लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस (यूके 07पी ए 4218) सूखीढांग के पास खराब हुई।
28 अगस्त:पिथौरागढ़ डिपो की रोडवेज बस (यूके 07पी ए 2904) अमोड़ी में खराब हुई।
29 अगस्त: लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस (यूके 07पी ए 4233) देवराड़ी बैंड में खराब हुई।
30 अगस्त:लोहाघाट डिपो की रोडवेज बस (यूके 07पी ए 4304) चंपावत के पास खराब हुई।
300 करोड़ से चल रही रोडवेज की दो परियोजनाएं:
इस वक्त रोडवेज की दो बड़ी परियोजना में काम चल रहा है। 236 करोड़ रुपये से अधिक की लागत का टनकपुर में आईएसबीटी और 62 करोड़ रुपये से चंपावत बस स्टेशन में सिटी सेंटर निर्माणाधीन हैं। नागरिकों का कहना है कि आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से लाभ होगा, लेकिन उतना ही जरूरी और उससे पहले बसों की कमी को दूर करना जरूरी है। नई और अच्छी बसें उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
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