देवीधुरा वन क्षेत्र में वन दरोगा पवन मेहरा पर हमले का आरोप
पाटी थाने में 2 नामजद युवकों के अलावा 8 से 10 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज
आरोपितों ने आरोपों को नकारा, उल्टा वन दरोगा पर लगाए आरोप
देवभूमि टुडे
चंपावत/देवीधुरा/पाटी। चंपावत वन प्रभाग के देवीधुरा रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र में पत्थर तोड़ने पर कार्रवाई करना एक वन दरोगा को भारी पड़ा। दो स्थानीय युवकों और कुछ अन्य लोगों पर रेंज कार्यालय पहुंच धमकाने के अलावा रास्ते में जीप को घेर वन दरोगा को जान से मारने का प्रयास करने का आरोप लगा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं आरोपित पक्ष ने खुद पर लगे आरोपों को आधारहीन बताते हुए पाटी थाने में तहरीर दी है।
वन क्षेत्राधिकारी दीप चंद्र जोशी ने बताया कि कल 22 जुलाई को देवीधुरा के जमनपौड़ के वन आरक्षित क्षेत्र में मार्ग पर पड़े पत्थरों को तोड़ रहे लोगों को गश्त पर गए वन दरोगा पवन मेहरा ने रोका और उनके उपकरणों को जब्त किया। इसके बाद दो युवक रेंज कार्यालय पहुंचे और दरोगा को धमकाने लगे। बाद में बुधवार शाम को लीसा इकाई वालिक का निरीक्षण करने के बाद जमनपौड़ में दुबारा श्रमिक पत्थर तोड़ते मिले। दुबारा उपकरण जब्त किए।
तहरीर के मुताबिक कुछ लोगों ने विभागीय जीप को घेर वन दरोगा को बाहर निकाल जान से मारने का प्रयास किया। आरोप है कि मोबाइल फोन भी चुरा लिया। तहरीर के आधार पर पाटी थाने में अनुज राणा और आयुष राणा के अलावा 8 से 10 अज्ञात आरोपितों के खिलाफ पाटी थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (2), 126, 132, 191 (2) और 304 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वहीं आरोपित अनुज राणा ने भी वन दरोगा पर गालीगलौज, मारपिटाई और सोने की बाली व मोबाइल छीनने को आरोप लगाया। वन दरोगा पवन मेहरा ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है।
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