Thursday Oct 29, 2026

टनकपुर-जौलजीबी रोड के दूसरे पैकेज में विवाद के चलते देरी से बढ़ी लागत की ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी ने दी थी दलील

आर्बिट्रेशन और वाणिज्यिक कोर्ट के आदेश के बाद पीआईयू ने 21 अक्टूबर को किया भुगतान

देवभूमि टुडे

चंपावत/टनकपुर।  टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) रोड का 24.400 किलोमीटर लंबाई का दूसरा पैकेज (किलोमीटर 30.600 चूका से किमी 55.000 रुपालीगाड़ तक) नाटकीय घटनाक्रम से भरपूर रहा। कई बार उठे विवाद के बीच इस पैकेज में न केवल काम में देरी हुई, बल्कि लागत भी बढ़ी। 128.91 करोड़ की सड़क 195.81 करोड़ रुपये से अधिक की बन सकी। लेकिन बढ़ी लागत को पाने के लिए ठेकेदार को करीब पौने 3 साल की कानूनी जंग लड़नी पड़ी। देरी से निर्माण सामग्री की कीमतों में इजाफा और महंगाई बढ़ने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी ने आर्बिट्रेशन में दस्तक दी। आर्बिट्रेशन से लेकर वाणिज्यिक अदालत तक मामला चला। वाणिज्यिक अदालत के आदेश के बाद कार्यदाई एजेंसी लोनिवि की पीआईयू ने 21 अक्टूबर को इस रोड 66 करोड़ 90 लाख 1 हजार 501 रुपये का भुगतान कर दिया।

ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी।

टनकपुर-रूपालीगाढ़ तक हो रही सड़क आवाजाही:

प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र तय नहीं होने के चलते टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) सड़क भले ही अभी टनकपुर से 133 किलोमीटर दूर जौलजीबी तक पूरी नहीं बन सकी है, लेकिन अब यह रोड टनकपुर से 54.275 किलोमीटर रूपालीगाड़ तक पूर्ण हो चुकी है। टनकपुर के ठुलीगाड़ से चूका तक के 17.875 किलोमीटर लंबाई का पहला (लागत 67 करोड़ रुपये) और 24.400 किलोमीटर लंबाई का दूसरा पैकेज (चूका से रूपालीगाड़) के अलावा चूका से आगे पुल का निर्माण हो चुका है। रोड के बनने से एसएसबी की बीओपी, सीमांत क्षेत्र के गांवों को सड़क सुविधा के साथ ही तल्लादेश के लोगों का सड़क फासला भी कम हुआ है और उन्हें वैकल्पिक मार्ग भी मिल गया है।

 

ये था मामला:

15 नवंबर 2023 को निर्माण कार्य पूर्ण कराने के बाद एडज्यूडिकेशन (न्याय निर्णय) एवं आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) मामले में हुए देरी के कारण निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों एवं महंगाई बढऩे से हुए नुकसान की भरपाई के लिए ठेकेदार ने विभाग से आग्रह किया। लेकिन विभाग ने ठेकेदार के अनुरोध को नकार दिया। जिसके बाद ठेकेदार ने मामले को आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले की विवेचना करने के बाद ट्रिब्यूनल ने 4 मई 2025 को विभाग को ठेकेदार को हर्जे एवं खर्चे की राशि के भुगतान करने के आदेश पारित किए थे। लेकिन विभाग ने आर्बिट्रेशन के फैसले के खिलाफ देहरादून की कॉमर्शियल कोर्ट में याचिका दायर की।

इस याचिका पर कोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को आदेश दिया। जिसमें ठेकेदार को हुए नुकसान एवं हर्जे खर्चे के लिए 69 करोड़ 24 लाख 75 हजार 236 रुपये भुगतान करने के आदेश पारित किए। कॉमर्शियल कोर्ट के आदेश का अनुपाल करते हुए विभाग ने 2 प्रतिशत आयकर एवं 2 प्रतिशत जीएसटी की राशि काट कर ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को भुगतान कर दिया। ठेकेदार को 21 अक्टूबर को 66 करोड़ 90 लाख 1 हजार 501 रुपये का भुगतान कर दिया।

टीजे रोड के दूसरे पैकेज का कालक्रम:

जनवरी 2017:टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) सड़क के 24.400 किलोमीटर लंबाई के दूसरे पैकेज (चूका से रूपालीगाड़) का 123 करोड़ 26 लाख 56 हजार 166 रुपये में अनुबंध हुआ था।

अगस्त 2017: लोहाघाट के तत्कालीन विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के आरोपों पर हुई जांच के बाद अनुबंध निरस्त किया गया।

जून 2020:आर्बिट्रेशन ने ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को 7 करोड़ 7 लाख 64 हजार 696 रुपये देने का विभाग को आदेश दिया था। इस राशि को ठेकेदार ने इस राशि को न लेते हुए सरकार को वापस कर दिया था।

दिसंबर 2020:अनुपूरक अनुबंध गठित किया गया।

नवंबर 2023: वेरिएशन के साथ टीजे के इस दूसरे पैकेज का काम 128 करोड़ 91 लाख 96 हजार 825 रुपये में पूरा हुआ।

मई 2025: आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने विभाग को ठेकेदार को हर्जे एवं खर्चे की राशि के भुगतान करने के आदेश पारित किए।

जून 2025: विभाग ने आर्बिट्रेशन के फैसले के खिलाफ देहरादून की कॉमर्शियल कोर्ट में याचिका दायर की।

अगस्त 2026: कॉमर्शियल कोर्ट ने ठेकेदार को हुए नुकसान एवं हर्जे खर्चे के लिए 69 करोड़ 24 लाख 75 हजार 236 रुपये भुगतान करने के आदेश पारित किए।

अक्टूबर 2026: कॉमर्शियल कोर्ट द्वारा पारित आदेश का अनुपाल करते हुए विभाग ने 2 प्रतिशत आयकर एवं 2 प्रतिशत जीएसटी की राशि काट कर ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को 66 करोड़ 90 लाख 1 हजार 501 रुपये का भुगतान कर दिया।






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