चंपावत के सत्र न्यायालय का फैसला
1 अन्य महिला पर जुर्माना लगा, तीसरी महिला बरी
10 अक्टूबर 2023 को लोहाघाट थाने में तीन महिलाओं के खिलाफ दर्ज हुआ था मुकदमा
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत के सत्र न्यायालय ने दो महिला अभियुक्तों को एक मामले में दोषी पाया है। जबकि एक अभियुक्त को बरी किया गया है। नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के बाद जबरन गर्भपात कराने का यह मामला अक्टूबर 2023 का लोहाघाट थाना क्षेत्र का है। इस घटना के बाद नाबालिग आरोपित की बहन व दो अन्य परिजनों ने नाबालिग पीड़िता के परिवार को खत्म करने की धमकी दी थी।
घटनाक्रम के मुताबिक लोहाघाट थाना क्षेत्र के एक गांव के एक नाबालिग बालक पर एक किशोरी से नाजायज संबंध बनाने का आरोप लगा। बालिका के गर्भवती होने पर आरोपित के परिजनों ने पीड़ित किशोरी का दवा खिला जबरन गर्भपात कराया और रिपोर्ट दर्ज करवाने पर परिवार को धमकी दी। इसे लेकर पीड़िता के परिजनों ने 10 अक्टूबर 2023 को लोहाघाट थाने में तीन महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
आरोपपत्र दाखिल होने के बाद चंपावत सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। तमाम साक्ष्यों, दस्तावेजों एवं गवाहों के आधार पर सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने 2 महिला अभियुक्तों को दोषी ठहराया। वहीं 1 महिला को बरी किया गया। 20 वर्षीय एक महिला को IPC की धारा 313 के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर 5 साल का साधारण कारावास और 10 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं 60 वर्ष की एक महिला को IPC की धारा 504 के अंतर्गत 5 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर 1 माह की सजा भुगतनी होगी। अलबत्ता IPC की धारा 506 के अंतर्गत महिला को बरी कर दिया गया। इसके अलावा 20 वर्ष की एक अन्य महिला को IPC की धारा 318 के अंतर्गत दोषमुक्त हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की।
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