चंपावत में जर्किन में पेट्रोल नहीं मिलने से किसानों की बुवाई हो रही प्रभावित
खेतों की जुताई के लिए किसानों को पावर ट्रिलर के लिए जर्किन में नहीं मिल रहा पेट्रोल
देवभूमि टुडे
चंपावत। किसान एनडी जोशी को खरीफ भी फसल की बुवाई करनी है। इसके लिए उहें पेट्रोल चाहिए था, ताकि पावर ट्रिलर चल सके। वे जर्किन लेकर पेट्रोल लेने पेट्रोल पंप गए, एक नहीं तीन बार लेकिन हर बार मायूस लौटे। पंप संचालक का जवाब सीधा और सही था कि खुले बर्तन में डीजल-पेट्रोल देने की पूर्ति विभाग की ओर से मनाही की गई है। ये दुश्वारी किसी एक किसान की नहीं, बल्कि बुवाई करने वाले ढेरों खेतिहरों की है।

किसान बताते हैं कि इस वक्त मडुवा, सोयाबीन, मल्का, राजमा सहित कई फसलों की बुवाई का समय है। बैलों से खेतों की जुताई अब अमूमन नहीं होती है। ज़्यादातर किसान इसके लिए पावर ट्रिलर का सहारा लेते हैं। किसान कहते हैं कि पावर ट्रिलर लेकर वे पेट्रोलपंप नहीं जा सकते क्योंकि ट्रिलर की पेट्रोल की टंकी महज डेढ़ लीटर क्षमता की है। और पेट्रोलपंप में उन्हें पेट्रोल नहीं मिल रहा। कहते हैं कि वे करें तो क्या करें? इन हालातों के बीच किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
क्या कहता है विभाग:
पूर्ति विभाग के अधिकारी का कहना है कि समस्या सामने आने पर समाधान का प्रयास किया जा रहा है। विभाग सभी पूर्ति निरीक्षकों को इस संबंध में आदेश जारी कर रहा है। जिसमें डीजल-पेट्रोल से चलने वाले कृषि उपकरणों से संबंधित प्रमाणपत्र कृषि विभाग से लाने वाले किसानों को पेट्रोलपंप से जार्किन में डीजल-पेट्रोल दिया जाएगा।
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