Saturday Jul 11, 2026

UCOST परियोजना के प्रधान अन्वेषक व दून विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुधांशु जोशी ने आदर्श चंपावत 2030 के तहत उद्यमिता विकास प्रशिक्षण में दी महत्वपूर्ण जानकारियां

महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए किया गया प्रेरित

देवभूमि टुडे

चम्पावत। UCOST (उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद) परियोजना के प्रधान अन्वेषक व दून विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुधांशु जोशी एवं परियोजना सहायक तनुजा जोशी ने उद्यमिता विकास, व्यवसाय योजना, बिजनेस मॉडल सहित कई अहम जानकारियां दीं। UCOST द्वारा वित्त पोषित और दून विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ  एक्सीलेंस इन लॉजिस्टिक्स एंड सप्लाई चेन मैनेजमेंट के सहयोग से संचालित परियोजना आदर्श चंपावत 2030 के अंतर्गत चंपावत विकास भवन में उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न हितधारकों के परिवर्तनकारी विकास के लिए उद्यमिता विकास, सतत एवं समेकित आजीविका रणनीतियों पर मंथन हुआ।

DM मनीष कुमार से मुलाकात करते डॉ. सुधांशु जोशी।

कैनवास, उत्पादन प्रबंधन, विपणन रणनीतियां, मूल्य श्रृंखला विकास, लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन प्रबंधन, डिजिटल मार्केंटिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, FSSAI पंजीकरण, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, वित्तीय योजना, सरकारी योजनाओं और 100-दिवसीय उद्यम विकास रोडमैप की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सामग्री मुख्य रूप से किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए तैयार की गई उद्यमिता विकास पुस्तिका पर आधारित रही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाना, स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना और वैज्ञानिक एवं बाजारोन्मुख व्यवसायिक दृष्टिकोण विकसित करना है।

10 जुलाई को हुए कार्यक्रम में ग्रामोत्थान, स्वयं सहायता समूह, क्लस्टर लेवल फेडरेशन और RBI से जुड़े उद्यमियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक ममराज चौहान, सहायक प्रबंधक (M&E) सचिन चंखवान, इन्क्यूबेशन मैनेजर विश्वास दीपक और रीप टीम मौजूद रही।

परियोजना दल ने डीएम मनीष कुमार एवं एपीडी विमी जोशी से मुलाकात कर जिले के समग्र विकास पर चर्चा की। डीएम ने जिले की विभिन्न विकासात्मक चुनौतियों के समाधान के लिए शोध आधारित एवं व्यवहारिक सुझाव तैयार करने पर बल दिया। उन्होंने स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, विपणन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में परियोजना के प्रयासों की सराहना की। कहा कि प्रशासन, विश्वविद्यालय एवं स्थानीय समुदायों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।




Share on Facebook Share on WhatsApp

© 2026. All Rights Reserved.