Saturday May 2, 2026

पूर्णागिरी मेले क्षेत्र में टुन्नास सहित कई इलाकों में पानी का संकट

तीर्थ यात्री, धर्मशाला संचालन और व्यापारिक सुविधाओं पर असर

समस्या का समाधान तो नहीं हो रहा, लेकिन बता रहे कारण और बना रहे बहाने

देवभूमि टुडे

चंपावत/पूर्णागिरी धाम। पूर्णागिरी मेले की पेयजल व्यवस्था पर कभी हाथी, तो कभी मौसम भारी पड़ रहा है। नतीजा यह कि पूर्णागिरी मेले क्षेत्र में टुन्नास सहित कई हिस्सों में पानी का संकट गहरा गया है। इससे तीर्थ यात्री, धर्मशाला संचालन और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। पूर्णागिरी (कालीगूंठ) के ग्राम प्रधान पंकज तिवारी ने मेला क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुधारने की मांग की है।

27 फरवरी से शुरू पूर्णागिरी धाम में अब तक 14.85 लाख श्रद्वालु आ चुके हैं। इनमें से 22500 तीर्थयात्री बीले 24 घंटों में पहुंचे। मेला क्षेत्र की ज्यादातर व्यवस्थाएं ठीकठाक है, लेकिन पिछले 4 दिनों से मेला क्षेत्र के बड़े हिस्से में पानी की मारामारी है। खासकर भैरव मंदिर से मुख्य मंदिर तक के पैदल क्षेत्र में टुन्नास सहित कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत है। इससे श्रद्वालुओं से लेकर धर्मशाला संचालक और अन्य व्यापारियों को भारी दुश्वारी हो रही है।

 

 

'पिछले वर्षों से बेहतर है बंदोबस्त'

जल संस्थान के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता आरपी डोबाल का कहना है कि मेला क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था के लिए पिछले वर्षों से बेहतर बंदोबस्त किए गए हैं। ठुलीगाड़, जलकुनिया, भवानीगाड़ और निगालीगाड़ से पानी की आपूर्ति की जा रही है। कुछ जगह हाथी या पत्थर की चपेट में आने से योजना प्रभावित हुई है। वैसे मेले में व्यवस्था के लिए ठुलीगाड़ में 1 टैंकर के अलावा जगह-जगह टैंक और अन्य प्रबंध किए गए हैं।

'मैं नई हूं, मुझे अभी ज्यादा आइडिया नहीं'

मैं नई हूं, मुझे अभी ज्यादा आइडिया नहीं। ये कहना है पूर्णागिरी मेला क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी देखने वाली जेई का। ज़ाहिर है, ऐसे जवाब मेला क्षेत्र की व्यवस्था को तो बेहतर बनाने से रहे।

क्या कहते हैं प्रधान व मंदिर समिति: 

पेयजल व्यवस्था मेलावधि में बीच-बीच में गड़बड़ाते रही है। पिछले 4 दिनों से दिक्कतें बढ़ी हैं। अव्यवस्था की वजह से श्रद्घालुओं से लेकर धर्मशाला संचालक और अन्य कारोबारियों को परेशानी बढ़ी है। इस स्थिति में जल्द से जल्द सुधार किया जाना चाहिए।

पंकज तिवारी, ग्राम प्रधान, पूर्णागिरी (कालीगूंठ)। 

 

मेले की बेहतर व्यवस्था के लिए पेयजल आपूर्ति सुचारू होना जरूरी है। बीत कुछ दिनों से पानी की किल्लत की शिकायतें आईं हैं। इन दिक्कतों का शीघ्र समाधान कर व्यवस्था को सुधारू किया जाए।

पंडित किशन तिवारी, अध्यक्ष, 

पूर्णागिरी मंदिर समिति। 

 

क्या कहते हैं ठेकेदार:

पूर्णागिरी मेला क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था संभाल रहे ठेकेदार योगेश का कहना है कि आम तौर पर मेला क्षेत्र में पानी की व्यवस्था दुरस्त है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से हाथी ने   निगालीगाड़ सहित कई जगह पेयजल लाइनों को क्षतिग्रस्त किया है। इसके अलावा कल 30 अप्रैल को बारिश से पेयजल स्रोत वाले गधेरों में मलबा और पत्ते आ गए। योजना की मरम्मत कराई जा रही है। चार टीमें ठुलीगाड़, केलाड़ीगाड़ एवं निगालीगाड़ में भेजी गई है। जल्द ही व्यवस्था ठीक हो जाएगी।




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