फसल बर्बाद की, शटर तोड़ दुकान के समान को नष्ट किया, 1 कच्ची झोपड़ी और 1 घर का गेट भी तोड़ा
पूर्णागिरी मार्ग के पास के जंगल से लगे गांवों में गजराज की फिर दस्तक
काम नहीं आया वन विभाग का आश्वासन, दिन में भरोसा दिया रात में भरोसा टूटा
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। कल 2 मई को ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। हाथी के खतरे से बचाव की मांग। विभाग ने भरोसा दिलाया। लेकिन चंद घंटों में ये भरोसा टूट गया। रात हुई, गजराज ने पूर्णागिरी मार्ग के पास के जंगल से लगे गांवों में फिर दस्तक दी। हाथी की दस्तक से लोग दहशत में हैं। हाथी गांव में घुसा, जमकर उत्पात मचाया और दुकान, मकान से लेकर खेत तक को नुकसान पहुंचाया।

हाथी का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार-रविवार की रात पूर्णागिरी मार्ग से लगे ककरालीगेट और नायकगोठ गांव में हाथी ने फिर हाहाकार मचाया। हाथी ने नायकगोठ गांव में कपिल शर्मा की दुकान का शटर तोड़ दुकान में रखा सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। वही मनु पाल सक्सेना की कच्ची झोपड़ी और बिशन सिंह बिष्ट का गेट क्षतिग्रस्त कर दिया। इससे पूर्व ककरालीगेट के भोटिया पड़ाव गांव में हाथी ने ग्रामीणों की आम, गन्ने और केले की फसल को तहसनहस कर डाला।
जाग होने पर ग्रामीणों ने हाथी को किसी तरह जंगल की ओर खदेड़ा। नायकगोठ की ग्राम प्रधान कंचन देवी ने वन विभाग से सोलर फेंसिंग लाइन दुरुस्त करने और ग्रामीणों को नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना हैं कि हाथी की दस्तक और हमला बीते कई दिनों से हो रहा है। वन विभाग को जानकारी दी गई। बचाव के उपाय करने का अनुरोध भी किया गया, लेकिन आश्वासन के बावजूद जमीन पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। हाथी से ग्रामीणों और पूर्णागिरी मेला यात्रियों को खतरा भी है और नुकसान तो खैर हो ही रहा है।
वहीं वन विभाग के शारदा रेंज के क्षेत्राधिकारी सुनील शर्मा का कहना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम करने और लोगों की हिफाजत करने के उद्देश्य से नंधौर वन्यजीव अभ्यारण्य की सीमा के पास के संवेदनशील गांवों के निकट AI आधारित स्मार्ट सोलर पावर्ड वाइल्डलाइफ डिटेक्शन कैमरा प्रणाली स्थापित करने की पहल की जा रही है। इससे मानव-वन्य जीव संघर्ष में कमी आएगी।



© 2026. All Rights Reserved.