उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों में भूकंप के झटके, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 दर्ज, भूकंप का केंद्र चमोली में जमीन की सतह से 13 किलोमीटर गहराई में था
देवभूमि टुडे
चंपावत। उत्तराखंड से लेकर चंपावत जिले के अधिकांश हिस्सों में आज 6 अक्टूबर की रात 10:24 बजे बाद भूकंप के झटके महसूस किए गए। चंपावत के अलावा लोहाघाट, बाराकोट, पाटी, टनकपुर, बनबसा के साथ ही पूर्णागिरी धाम क्षेत्र में भी भूकंप आया। चंपावत जिला आपात कालीन परिचालन केंद्र ने भूकंप के झटकों की पुष्टि की है। बताया कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र चमोली में जमीन की सतह से 13 किलोमीटर गहराई में था।
केंद्र के मुताबिक कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। अलबत्ता धरती के डोलने से चंपावत जिले में कई जगह लोग घरों से बाहर निकलने लगे। उत्तराखंड में गढ़वाल से कुमाऊं तक कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं।

इस वजह से आता है भूकंप:
पृथ्वी के नीचे 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। ज्यादा दबाव बनने से प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेस के बाद भूकंप आता है।
भूकंप के केंद्र और तीव्रता का ये है मतलब:
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है, तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है, तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।
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