‘सप्तेश्वर नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय (भेंटघाट)’ का शरद पूर्णिमा को शुभारंभ हुआ
डॉ. वीके जोशी के अलावा युवाओं की पहल, ग्रामीणों के सहयोग और शिक्षा के प्रति सामूहिक प्रयास से पुस्तकालय ने मूर्त्त रूप लिया
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत की गड़कोट ग्राम पंचायत में ‘सप्तेश्वर नागरिक निःशुल्क पुस्तकालय भेंटघाट' का शुभारंभ किया गया। यह पुस्तकालय जिए पहाड़ समिति और Untold Stories of Kumaon की साझा पहल से खोली गई है। पुस्तकालय का शुभारंभ गांव के युवा साथी जमुना गिरी महाराज ने रिबन काटकर की। इसके बाद सप्तेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश चंद गड़कोटी और कोषाध्यक्ष प्रकाश चंद इजरवाल ने दीप प्रज्वलित किया। पुस्तकालय को मूर्त्त रूप देने में अहम भूमिका निभाने वाले अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार जोशी ने कहा कि दूर के गांव में स्थापित यह पुस्तकालय युवाओं की सक्रिय भागीदारी, स्थानीय समुदाय के सहयोग और शिक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
पुस्तकालय की स्थापना में यद्यपि ग्रामवासियों और सहयोगियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, लेकिन सबसे अहम योगदान रहा अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद जोशी का। जिन्होंने अपने पिता स्वर्गीय पंडित मोतीराम जोशी की स्मृति में पुस्तकालय के लिए अमूल्य सहयोग प्रदान किया। सप्तेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट ने पुस्तकालय के लिए स्थान उपलब्ध कराया।




पुस्तकालय से पढ़ने के साथ संवाद का भी होगा समागम:
पुस्तकालय का उद्देश्य गांव के बच्चों और युवाओं में पढ़ने की रूचि विकसित करना, शिक्षा को बढ़ावा देना और युवाओं को नशे से दूर रखकर सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। पुस्तकालय को केवल किताबें पढ़ने की जगह नहीं, बल्कि युवाओं के लिए सीखने, बातचीत करने और विचारों का आदान-प्रदान और गांव के विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद करने के साझा मंच के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं को मिलेगी सकरात्मक दृष्टि: पिंकी
चंपावत। जिए पहाड़ समिति के चंपावत जिला के समन्वयक अनिल चौधरी ‘पिंकी’ ने बताया कि पुस्तकालय खोलने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुस्तकालय बच्चों और युवाओं में किताबों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने और आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेगा।
संस्कृति, परंपराओं को भी सहेजेंगे:
चंपावत। पुस्तकालय की पहल के साथ Untold Stories of Kumaon कुमाऊं के गांवों की अनसुनी कहानियों, स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोगों के अनुभवों को सामने लाने का भी प्रयास कर रहा है। स्थानीय युवाओं की भागीदारी इस प्रयास का एक अहम हिस्सा है, क्योंकि युवा अपनी जड़ों, स्थानीय ज्ञान और सांस्कृतिक विरासत को समझते हुए इन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
© 2026. All Rights Reserved.