हिंदी व संस्कृत भाषा के विद्वान डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा सहित कुल 12 विद्वान भाषा संस्थान में शामिल
उत्तराखंड की लोकभाषा, हिंदी, पंजाबी, नेपाली और ऊर्दू भाषा के साहित्यकारों को मिली है उत्तराखंड भाषा संस्थान की साधारण सभा में जगह
देवभूमि टुडे
चंपावत। उत्तराखंड की लोकभाषा, साहित्य एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में योगदान देने वाले चंपावत के शिक्षाविद डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा शाक्टायन: को उत्तराखंड भाषा संस्थान का सदस्य नामित किया गया है। उनके अलावा संस्थान में विभिन्न भाषाओं के 11 और विद्वानों को सदस्य बनाया गया है। इस संबंध में भाषा संस्थान के सचिव उमेश नारायण पांडेय ने आदेश जारी किया है। सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा।
डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा को उत्तराखंड के लोकभाषा के साहित्यकार के रूप में भाषा संस्थान में जगह दी गई है। लोकभाषा के अलावा हिंदी, पंजाबी, नेपाली और ऊर्दू भाषा के विद्वान भाषा संस्थान के साधारण सभा में शामिल किए गए हैं।
भाषा संस्थान में नामित सदस्य:
हिंदी भाषा:डॉ. सुशील उपाध्याय एवं डॉ. सविता मोहन।
उत्तराखंड लोकभाषा के साहित्यकार:डॉ. जगदीश पंत, राजेश्वर उनियाल, प्रो. जगत सिंह बिष्ट, डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा और भारती पांडेय।
पंजाबी भाषा: प्रेम साहिल और डॉ. दलजीत कौर।
नेपाली भाषा: आचार्य पंडित कृष्ण प्रसाद पंथी और डॉ. दिनेश शर्मा।
ऊर्दू भाषा: अफजल मंगलौरी।
इनके अलावा अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और टिहरी गढ़वाल के श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को भी सदस्य बनाया गया है।


डॉ. शक्टा का प्रोफाइल:
डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा चंपावत GIC के प्रधानाचार्य रह चुके हैं।
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद हैं।
चंपावत खर्ककार्की गांव के निवासी डॉ. शक्टा हिंदी एवं संस्कृत भाषा के विद्वान हैं।
चंपावत खर्ककार्की गांव संस्कृत गांव में शामिल है।
राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2010, साहित्य रत्न सम्मान-2017, डॉ. महाराज कृष्णजैन स्मृति सम्मान 2019, पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी शिलांग, गुमानी पुरस्कार पिथौरागढ़, साहित्यरत्नाकर सम्मान 2022, युगधारा लखनऊ मानद डीलिट उपाधि 2025, सृजन श्री सम्मान सहित कई राज्यों एवं राष्ट्रीय स्तर के सम्मान से सम्मानित।
विश्व संस्कृत सम्मेलन एवं अखिल भारतीय सम्मेलनों में अनेक शोध पत्र प्रस्तुत। संस्कृत अकादमी उत्तराखण्ड एवं उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान के कवि सम्मेलनों में सहभागिता।
रचनाएँ-
राष्ट्र भवति सर्वस्वम् - नाटक
रचनाएँ
संस्कृतग्रन्थ
राष्ट्र भवति सर्वस्वम् - नाटक
रंगवीथिः (नाट्यत्रयम्) - नाटक
सप्तकथाचकम्-कथा
कथाकैरवी-कथा
स्तोत्र-स्तवकम्
चम्पूकाव्यम् उत्तराखण्ड-देवभूम्यां कूर्माचलः
चम्पूकाव्यम्
उत्तराखण्ड देवभूम्यां केदारभूमिः
हिन्दीग्रन्थ
संसर्गसुमन खण्डकाव्य, संसर्गविपाक खण्डकाव्य काशी खण्ड काव्य
शिवशक्तिमहिमा महाकाव्य, (पुरस्कृत ग्रन्थ) मन की तरंग (कुण्डलिया संग्रह) मन निर्झर काव्य
वासुदेवचरणामृतम् महाकाव्य, (पुरस्कृत ग्रन्थ)
होली के रंग- कुमांउनी होली
कुमाऊँनीग्रन्थ
न्यायमूर्तिगोरल महाकाव्य (पुरस्कृत ग्रन्थ)
राष्ट्रा क पहरू सिपै
घटकु कि प्राणप्रतिष्ठा- महाकाव्य

साहित्य के क्षेत्र में के लिए बड़ी उपलब्धि:
डॉ. कीर्तिबल्लभ शक्टा को उत्तराखंड भाषा संस्थान का सदस्य बनाया जाना चंपावत जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं भाषा प्रेमियों ने बधाई दी हैं। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. बीसी जोशी, डॉ. तिलक राज जोशी, डॉ. विष्णु दत्त भट्ट, डॉ. ललित मोहन, डॉ. सुमन पांडेय, भगवत पांडेय, जनार्दन चिल्कोटी, डॉ. सतीश पांडेय, डॉ. स्वाति जोशी, जनकवि प्रकाश जोशी शूल, भूपेंद्र देव, नवीन पंत, हिमांशु जोशी, कमला वेदी, राम प्रसाद, सामश्रवा, पुष्कर सिंह बोहरा, पहरू कुमाऊंनी पत्रिका के संस्थापक संपादक डॉ. हयात सिंह रावत और आदिल- क़ुशलि कुमाऊंनी पत्रिका की संस्थापक डॉ. सरस्वती कोहली, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन राजेंद्र गहतोड़ी आदि ने खुशी जताई है।
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