चंपावत नगर पालिका बोर्ड पालतू श्वान पशुओं के पंजीकरण एवं नियमन के लिए बनाएगा श्वान पशु उप विधि
देवभूमि टुडे
चंपावत। नगर क्षेत्र में कुत्ता पालने वालों को अब नगर पाकिा में अनिवार्य रूप से पंजीकरण करना होगा। नगर पालिका बोर्ड की आज 30 जुलाई को
पालिकाध्यक्ष प्रेमा पांडेय की अध्यक्षता और अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी के संचालन में हुई बैठक में हुई बैठक में कहा गया कि पालतू श्वान पशुओं के पंजीकरण एवं नियमन के लिए श्वान पशु उप विधि बनाई जाएगी। इसके लिए श्वान पशु उपविधि 2026 के आलेख पर आम लोगों से सुझाव एवं आपत्ति आमंत्रण के लिए प्रकाशन पर चर्चा की जाएगी।
प्रस्तावित उप विधियों में श्वान पालकों को 3 माह या इससे अधिक आयु के श्वान पशु के पालक को श्वान को पालिका में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। पंजीकरण हर वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि 31 मार्च तक वैध रहेगा। पंजीकरण राशि 500 रुपये और 200 रुपये सालाना होगी। अग्रिम वित्तीय वर्ष के लिए श्वान पशु के पंजीकरण का नवीनीकरण किया जाना होगा।
निर्धारित समय में पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं किए जाने पर हर 3 माह के अंतराल में 100 रुपये विलंब शुल्क देना होगा। वहीं 6 माह तक पंजीकरण का नवीनीकरण नहीं किए जाने पर पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा। पुन: पंजीकरण किए जाने पर पंजीकरण शुल्क 700 रुपये देना होगा। प्रस्ताव में कहा गया है कि पाल्य कुत्ते को सार्वजनिक स्थानों में बिना सुरक्षात्मक उपायों के घूमाने के लिए खुला नहीं छोड़ेंगे। इस दौरान कुत्ते के मुंंह में सुरक्षात्मक जाली लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही कुत्ते के कारण होने वाली किसी दुर्घटना की समूची जिम्मेदारी पशुपालक की होगी एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पालतू कुत्ते द्वारा सार्वजनिक स्थलों में शौच करने पर पशुपालकों को 5 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। इसके अलावा पशुपालक को कुत्ता पालने के लिए घर में चेतावनी बोर्ड लगाने सहित अन्य निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।


बैठक में इन प्रस्तावों पर भी हुआ मंथन:
1.बोर्ड बैठक में पालिका कार्मिकों को नगर में सफाई कार्य के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण एवं सामग्री उपलब्ध कराने के लिए अनुमोदन दिया गया।
2.ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सभी व्यवसायिक, आवासीय इकाईयों एवं संस्थानों से अपशिष्ट संग्रहण, परिवहन एवं निस्तारण कार्य को किए जाने के लिए कार्ययोजना तैयार किए जाने पर चर्चा की गई।
3.डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए खुले में कूड़ा फेंकने वालों को चिन्हित कर दंडित किए जाने के लिए सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तारीकरण पर सहमति प्रदान की गई।
4.नगर क्षेत्र के अंतर्गत पालिका मार्गों में अनाधिकृत रूप से पालिका मार्गों को क्षतिग्रस्त कर जल संयोजन लेने वाले के खिलाफ कार्रवाई के लिए जल संस्थान एवं संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के आधार पर कार्य किए जाने की चर्चा की गई।
बैठक में मौजूद थे ये सभासद व अधिकारी:
सभासद प्रेमा चिलकोटी, गीता अधिकारी, मणिप्रभा तिवारी, पूजा वर्मा, बबीता प्रहरी, नंदन सिंह तड़ागी, गौरव कलोनी, दिनेश चंद्र बरदोला, नामित सभासद जगदीश चंद्र पनेरू, पुष्पा ओझा, गौरव पांडेय, प्रकाश नाथ व सहायक लेखाकार जगदीश लाल शाह, जूनियर इंजीनियर आशीष धीमान, सिटी मैनेजर महेश सिंह चैहान, सचिन कुंवर, मुकेश बोहरा, प्रदीप भट्ट, पवन पांडेय आदि।
चंपावत जिले में 8654 कुत्ते:
चंपावत। कुत्ता पालने का शौक अब तेजी से बढ़ रहा है। इसी वजह से चंपावत जिले में कुत्ता पालने वालों की संख्या बढ़ रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि वर्ष 2019 की गिनती के मुताबिक चंपावत जिले में कुल 8654 कुत्तें हैं। इनमें से करीब 60 प्रतिशत कुत्ते शहरी क्षेत्र में होने का अनुमान है।
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