पेड़ छाप दिए लेकिन वन निगम काट नहीं रहा-पूर्णागिरि के पुजारियों का आरोप
अब प्रशासन से लगाई गुहार
देवभूमि टुडे
चंपावत/पूर्णागिरि। मां पूर्णागिरि धाम के सरकारी मेले में दो हफ्ते से भी कम समय बचा है, लेकिन मेला क्षेत्र में खतरा बन रहे 10 से अधिक पेड़ों का निस्तारण नहीं हो सका है। इससे नाराज क्षेत्र के व्यापारियों और पुजारियों ने प्रशासन से खतरे वाले पेड़ों का मेला शुरू होने से पूर्व कटान करने की मांग की है।

पूर्णागिरि धाम का मेला 27 फरवरी से शुरू होगा, मेले की व्यवस्था के लिए तमाम तैयारियां चल रही हैं। लेकिन एक समस्या ऐसी है, जिसका अब तक समाधान का क्षेत्र के लोग इंतजार कर रहे हैं। पूर्णागिरि क्षेत्र के पंडित नेत्र बल्लभ तिवारी का कहना है कि भैरव मंदिर से लेकर काली मंदिर तक 10 से अधिक जर्जर पेड़ हैं। जिनसे धर्मशालाओं, श्रद्धालुओं और क्षेत्र के लोगों को खतरा है। खतरे को देखते हुए 3 माह पूर्व वन विभाग ने पेड़ों का छपान किया, लेकिन अब तक इन पेड़ों का वन निगम ने कटान नहीं किया है। ऐसे में मेले के दौरान हादसे का खतरा हो सकता है। क्षेत्र के पुजारी और व्यापारियों ने खतरे वाले इन पेड़ों को कटवाने की अब प्रशासन से मांग की है। वहीं टनकपुर के तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी का कहना है कि इस प्रकरण की जानकारी ले जल्द ही जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

© 2026. All Rights Reserved.