Thursday Aug 6, 2026

देवीधुरा मेला 23 अगस्त से शुरू होकर 13 दिन तक चलेगा

सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, पार्किंग व्यवस्था सहित तमाम प्रबंधों की समीक्षा की गई

देवभूमि टुडे

चंपावत/देवीधुरा। 13 दिवसीय मां वाराही धाम देवीधुरा मेला 23 अगस्त से शुरू होगा। फल-फूलों से खेली जाने वाली बगवाल 28 अगस्त (रक्षाबंधन) को होगी। ये निर्णय आज 5 अगस्त को कलक्ट्रेट में डीएम मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। डीएम ने कहा कि मेले की बेहतर व्यवस्था के लिए विभिन्न विभाग समन्वय के साथ काम करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। मेले के सफल आयोजन के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि सभी विभाग नियमित स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

पाटी के एसडीएम नीतू डांगर को मेला मजिस्ट्रेट और जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अनिल जोशी को मेलाधिकारी बनाया गया है। बैठक में मेला अवधि, मेला क्षेत्र के निर्धारण, सुरक्षा, सफाई, स्वच्छता सहित विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर मंत्रणा की गई। डीएम ने पुलिस एवं प्रशासन को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और निगरानी के निर्देश दिए।

यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम ने एआरटीओ एवं पुलिस विभाग को समन्वय के साथ यातायात प्लान तैयार करने, पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण, वाहन संचालन को व्यवस्थित रखने, डायवर्जन प्लान लागू करने एवं प्रमुख मार्गों पर संकेतक एवं बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

पाटी की नगर पंचायत एवं संबंधित विभागों को मेला क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पर्याप्त संख्या में अस्थायी शौचालयों की स्थापना, नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जल संस्थान को सभी प्रमुख स्थलों पर शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था और विद्युत विभाग को मेला परिसर, पार्किंग स्थलों, पैदल मार्गों एवं प्रमुख संपर्क मार्गों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने को कहा गया।

लोक निर्माण विभाग को सभी संपर्क मार्गों की मरम्मत, गड्ढों का तत्काल भरान, पैदल मार्गों को सुरक्षित बनाने तथा दिशा संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को मेला अवधि में दो अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती, एंबुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, आवश्यक दवाओं एवं चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। आबकारी विभाग को एल्कोमीटर के माध्यम से प्रभावी जांच अभियान संचालित करने तथा आपूर्ति विभाग को जरूरी खाद्य सामग्री एवं दैनिक उपयोग की वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा समाज कल्याण, खेल एवं साहसिक गतिविधियों, संचार व्यवस्था, आवास व्यवस्था सहित सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन करते हुए मेला शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूरा करने को कहा गया।

बगवाल बैठक।

परंपरा निभाने को खेली जाती है बगवाल:

4 खाम (चम्याल, गहरवाल, लमगड़िया और वालिग) सहित कुल 7 थोकों के योद्घा रक्षाबंधन के दिन पूजा-अर्चना के बाद फल-फूलों से बगवाल खेलते हैं। माना जाता है कि पूर्व में यहां नरबलि दिए जाने का रिवाज था, लेकिन जब चम्याल खाम की एक वृद्धा के एकमात्र पौत्र की बलि के लिए बारी आई, तो वंशनाश से बचने के लिए बुजुर्ग महिला ने मां वाराही की तपस्या की। देवी मां के प्रसन्न होने के बाद बगवाल की यह परंपरा शुरू हुई। तभी से बगवाल का सिलसिला चल रहा है।

बगवाल की फाइल फोटो, मां बाराही देवी मंदिर एवं देव मां की मूर्ति।

मौजूद रहे ये अधिकारी व प्रतिनिधि:

एसपी रेखा यादव, सीडीओ डॉ. जीएस खाती, एडीएम केएन गोस्वामी, पाटी की एसडीएम नीतू डांगर, जिला पंचायत के एएमए अनिल जोशी, एआरटीओ मनोज बगोड़िया, लोनिवि के लोहाघाट खंड के EE हितेश कांडपाल, सीएमओ डॉ. देवेश चौहान, जिला आबकारी अधिकारी आरएल शाह, जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, मेला संयोजक मोहन सिंह बिष्ट, सह संयोजक जगदीश सिंघवाल, राजेश बिष्ट, अमित लमगड़िया, लक्ष्मी दत्त जोशी आदि।




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