रायनगर चौड़ी, कलीगांव और डेंसली गांवों से निकली मां भगवती और मां महाकाली की रथ यात्राएं
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने लिया मां का आशीर्वाद
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। लोहाघाट के देवीधार की पहाड़ी में मां भगवती मंदिर के देवी महोत्सव के समापन पर तीन गांवों के देवी रथों ने देवीधार मंदिर की परिक्रमा की। कई हजार श्रद्धालुओं ने मां भगवती का आशीर्वाद लिया। आज 29 जुलाई सुबह से देवीधार मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का उमड़ना शुरू हो गया था।
दोपहर बाद सबसे पहले लंबी दूरी तय कर रायनगर चौड़ी के देवीरथ ने मां भगवती मंदिर की परिक्रमा की। डोले में मां भगवती के रूप में हरीश कापड़ी, गीता देवी और मां कालिका के रुप में राधिका देवी विराजमान थी। उसके बाद खड़ी दुर्गम पहाड़ी पार कर कलीगांव के रथ ने मंदिर की परिक्रमा। देवीरथ में मां भगवती के रुप में नारायण पुजारी और महाकाली के रुप में हरु देवी सवार थी। अंत में डेंसली गांव से मां भगवती का डोला मंदिर पहुंचा। जिसमें भगवती के देवडांगर करन देउपा और महाकाली के रतन सिंह देवीरथ में सवार रहे। महिलाओं ने मां के जयकारे लगाए। देवीधार विकास समिति के अध्यक्ष जीवन मेहता ने महोत्सव में सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों का आभार जताया।



अखिलतारिणी धाम में भक्तों ने लिया मां का आशीर्वाद:
चंपावत/लोहाघाट। लोहाघाट के दिगालीचौड़ के समीप मां अखिलतारणी धाम में गुरु पूर्णिमा पर्व पर देवी रथ यात्रा निकाली गई। सुबह अखिलतारिणी मंदिर में पंडित संजय पांडेय ने पूजा करवाई। दोपहर बाद रथ में सवार कालिका और भगवती के देव डांगरो ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। मेले में लोहाघाट, टनकपुर नायकगोठ के लोगों ने मेले में भंडारे का आयोजन किया। अखिलतारणी मंदिर समिति के अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि मेले को आने वाले समय में भव्य रूप दिया जाएगा।
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