बाराकोट के गल्लागांव आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ती मीना बोहरा से जिला कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा
नोटिस देकर कार्यस्थल में अनुपस्थित रहने और काम में लापरवाही का आरोप
देवभूमि टुडे
चंपावत/बाराकोट। बाल विकास विभाग ने बाराकोट ब्लॉक की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ती का जवाब-तलब किया है। गल्लगांव केंद्र की कार्यकर्ती और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सेविका, मिनी कर्मचारी संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा को नोटिस देकर कार्यस्थल में अनुपस्थित रहने और काम में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण नहीं देने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस बृजवाल द्वारा गल्लागांव आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यकर्ती मीना बोहरा को आज 15 मई को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि वे (मीना बोहरा) 14 मई को मध्यान्ह 12 बजे डीएम कार्यालय में पाई गई थी। जबकि नियमानुसार उन्हें अपने केंद्र में होना चाहिए था। समय से पूर्व केंद्र से प्रस्थान की सक्षम अधिकारी से अनुमति भी नहीं ली गई थी। केंद्र से गैर हाजिरी से विभागीय योजनाओं के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। पत्र में कहा गया है कि वे (मीना बोहरा) आरोप-प्रत्यारोप लगाने और विभागीय छवि को धूमिल कर रही हैं। तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। ऐसा नहीं होने पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

आरोप मिथ्या, नोटिस उत्पीड़नात्मक कदम: मीना बोहरा
चंपावत। आंगनवाड़ी कार्यकर्ती मीना बोहरा ने विभाग के मुखिया द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। फोन पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि अभी उन्हें विभागीय नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया है कि वे 14 मई को मध्यान्ह 12 बजे आंगनवाड़ी केंद्र में थी।
मीना बोहरा ने कहा कि वे संगठन की जिलाध्यक्ष भी हैं और कार्यकर्तियों की समस्या को लेकर 12 बजे बाद केंद्र से कलक्ट्रेट गई थीं। इन मांगों का उक्रांद ने भी समर्थन किया था। कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय का जनवरी से अप्रैल तक भुगतान, पीएमएमवीवाई की प्रोत्साहन राशि में देरी सहित कई समस्याओं का समाधान करने के बजाय विभाग मिथ्या आरोप लगा उत्पीड़न कर रहा है।


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