नामी शिकारी जिम कॉर्बेट ने इस स्थान पर 436 लोगों को शिकार बनाने वाली आदमखोर बाघिन का किया था शिकार
चंपावत के फूंगर के ऐतिहासिक कॉर्बेट बंगला 20 लाख रुपये से हो रहा संरक्षित
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत में जिम कॉर्बेट से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं पर्यटन विकास के कार्य को तेजी से किया जाएगा। इसी क्रम में चंपावत के फूंगर स्थित ऐतिहासिक कॉर्बेट बंगले को 20 लाख रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक बंगले में पर्यटकों को म्यूजियम, रिसेप्शन, टिकट काउंटर, स्मृति वस्तु, शॉप और रेस्टोरेंट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

आज 22 मई को डीएम मनीष कुमार ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों को देखा। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता, स्थल की मौलिकता को संरक्षित रखने और पर्यावरण संरक्षण के मानकों के अनुरूप कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील
कुमार ने बताया कि यह वही ऐतिहासिक बंगला है, जहां नामी अंग्रेज शिकारी जिम कॉर्बेट ने रात्रि विश्राम किया था। उन्होंने बताया कि बंगले का सुंदरीकरण कर क्षेत्र को ईको-टूरिज्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए आजीविका एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। इसके अलावा 19.70 लाख रुपये से बंगले को गौड़ी-बाघबरुड़ी ट्रेल से भी जोड़ा जा रहा है। यह ट्रेल जिम कॉर्बेट की प्रथम शिकार स्थली के रूप में ऐतिहासिक महत्व रखती है। इसी क्षेत्र में जिम कॉर्बेट ने आदमखोर बाघिन का शिकार किया था, जिसने 436 लोगों को अपना शिकार बनाया था। एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि सभी कार्यों को अगले माह जून तक पूरा करा लिया जाएगा। इस अवसर पर एडीएम कृष्णनाथ गोस्वामी, वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा आदि मौजूद थे।
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