नैनीताल हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, अगली सुनवाई 15 जून को
13 मई से न्यायिक हिरासत में पिथौरागढ़ जिला जेल में बंद है आनंद सिंह महर
देवभूमि टुडे
चंपावत/नैनीताल। चंपावत के सल्ली में फर्जी गैंग रेप प्रकरण की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कांग्रेस के प्रदेश सचिव आनंद सिंह महरा की जमानत याचिका पर नैनीताल उच्च न्यायालय में कल 29 मई को सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ इस मामले में अगली सुनवाई 15 जून करेगी।
आरोपित आनंद सिंह महरा ने हाईकोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल कर खुद को बेगुनाह बताते हुए राहत का अनुरोध किया है। 13 मई से न्यायिक हिरासत में पिथौरागढ़ जिला जेल में बंद आनंद सिंह महर के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 61 (2) सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
याचिका के मुताबिक 5 मई-6 मई की रात चंपावत में एक किशोरी समारोह में गई थी। लेकिन बाद में वह गांव के एक मकान में मिली थी। किशोरी के पिता की तहरीर पर 6 मई को 3 लोगों के खिलाफ पॉक्सो सहित कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना में पुलिस ने गैंग रेंप को फर्जी पाया। इस मामले के साजिशकर्ता के रूप में कमल रावत, उसकी महिला मित्र अर्जिता राय और कांग्रेस नेता आनंद सिंह महरा के खिलाफ 7 मई को मुकदमा किया गया। कमल रावत, उसकी महिला मित्र अर्जिता राय 8 मई से और कांग्रेस नेता आनंद सिंह महरा व बबलू राम 13 मई से न्यायिक हिरासत में हैं। 23 मई को चारों आरोपितों की जमानत अर्जी चंपावत की विशेष सत्र न्यायालय से खारिज हो गई थी।
अदालत में महरा के अधिवक्ता ने कहा कि पूरे घटनाक्रम को तोड़-मरोड़ कर राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव में याचिकाकर्ता को झूठे मामले में फंसाया है। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि एक ही घटना को आधार बनाकर एक से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो स्थापित कानूनी सिद्धांतों के विपरीत है।
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