Thursday Apr 9, 2026

जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव की पत्रकार वार्त्ता

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) गुरमीत सिंह की स्व-गणना से होगी शुरुआत

प्रथम चरण मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई के बीच होगा 

देवभूमि टुडे

चंपावत/ देहरादून। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तराखंड में जनगणना के प्रथम चरण - मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 25 अप्रैल से 24 मई 2026 के बीच 30 दिन की अवधि में की जाएगी। घर-घर सर्वेक्षण से पहले 10 अप्रैल से 24, अप्रैल 2026 के बीच 15 दिन की अवधि प्रदेशवासियों को स्व-गणना के लिए प्रदान की गई है। जिससे प्रदेशवासी अपने मोबाइल नंबर और बुनियादी क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके se.census.gov.in पोर्टल पर लॉग इन कर प्रगणक के आने से पहले अपना विवरण डिजिटल रूप से स्वयं दर्ज कर सकते हैं। स्व-गणना एक सुरक्षित और वेब आधारित सुविधा है, जो 16 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। उतराखंड में जनगणना की शुरुआत 10 अप्रैल को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर) गुरमीत सिंह की स्व-गणना से की जाएगी।

देहरादून में आज 8 अप्रैल को हुई पत्रकार वार्ता में निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि दूसरे चरण में उत्तराखंड के हिमाच्छादित जिलों (चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी) के 131 गांव और 3 नगरीय क्षेत्रों में जनगणना का कार्य सितंबर में किया जाएगा।

 

पहली बार उत्तरदाताओं को प्रगणकों के आने से पहले अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन विवरण भरने का विकल्प उपलब्ध है। प्रगणक पिछली जनगणनाओं की तरह सभी आवंटित ब्लॉकों में घर-घर जाएंगे, जबकि स्व-गणना एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में काम करेगी। स्व-गणना में भाग लेने के लिए व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर और बुनियादी क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके se.census.gov.in पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं। सफलतापूर्वक फॉर्म सबमिट करने पर एक यूनीक सेल्फ-एनुमरेशन आईडी (SE ID) जनरेट हो जाती है, जिसे बाद में प्रगणक के फील्ड विजिट के दौरान उनसे साझा किया जा सकता है।

बताया कि भारत सरकार 1 अप्रैल से जनगणना के प्रथम चरण- मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) - की शुरुआत कर दी है। जो देश के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभियान का आरंभ है। यह पूरी तरह डिजिटल डेटा कैप्चर के साथ स्व-गणना की सुविधा वाली भारत की पहली जनगणना है।

उत्तराखंड में जनगणना के प्रथम चरण - मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना में 30 हजार प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। जिनके द्वारा तक़रीबन 32 हजार मकानसूचीकरण ब्लॉकों में घर-घर जाकर गणना की जाएगी। वर्तमान में इन सभी प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य पूरे राज्य में चल रहा है। जिसके लिए इन्हें 650 बैच में बांटा गया है। इन्हें राज्य में नियुक्त 2 नेशनल ट्रेनर, 23 मास्टर ट्रेनर एवं 555 फ़ील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण देंगे।

मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना के चरण के दौरान आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और उपलब्ध परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इन महत्वपूर्ण संकेतकों को दर्ज करने के लिए जनवरी 2026 में प्रथम चरण के लिए कुल 33 प्रश्न अधिसूचित किए गए हैं, जो साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण, नीति निर्धारण और लक्षित कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार प्रदान करते हैं।

जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्रित सभी आंकड़े पूरी तरह गोपनीय रखे जाते हैं। जनगणना 2027 के लिए उपयोग किए जा रहे डिजिटल उपकरण उच्च स्तरीय डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत एन्क्रिप्शन और बहु-स्तरीय प्रमाणीकरण से युक्त हैं। प्रेस वार्ता में संयुक्त निदेशक एसएस नेगी, उप निदेशक तान्या सेठ, उप निदेशक आरके बनवारी एवं प्रवीन कुमार के अलावा PIB देहरादून की ओर से सहायक निदेशक संजीव सुंदरियाल मौजूद थे।




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