स्थानीय सेनानियों की शौर्यगाथा की जानकारी आम लोगों तक पहुंचना जरूरी
सेनानी परिजनों को CZPA ने सम्मानित किया
देवभूमि टुडे
चंपावत। भारत छोड़ो आंदोलन पर स्वतत्रंता संग्राम सेनानियों का स्मरण किया गया। आज 9 अगस्त को देवभूमि टुडे कार्यालय में CZPA (चंपावत जिला पत्रकार एसोसिएशन) के अध्यक्ष चंद्रबल्लभ ओली की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में जंग-ए-आजादी के योद्धाओं के परिजनों का स्मृति चिन्ह भेंट करने के अलावा शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी आजादी के स्थानीय सेनानियों को विस्मृत कर रही है, ऐसे में सेनानियों की शौर्यगाथाओं को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बना छात्र-छात्राओं और आम लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।









कहा गया कि सेनानियों के अतुलनीय बलिदान से मिली आजादी के बाद देश के विकास के लिए उसी भावना की जरूरत है। सेनानी संगठन के अध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी ने कहा कि तकनीकी आधार पर सेनानी के दर्जे से वंचित गदर के योद्धा कालू सिंह माहरा को सेनानी की श्रेणी में शामिल कराने के लिए संगठन आवाज उठाएगा। उन्होंने धूरा के सेनानी स्मारक के पुनर्निर्माण में हो रही देरी, सेनानीगांव आमखर्क में रोड का काम शुरू होने में देरी, खेतीखान में सेनानी गांव गोशनी के लिए स्वीकृत 20 लाख रुपए को दूसरे गांव में स्थानांतरित करने को सेनानियों के प्रति उदासीनता बताया।
CZPA के पूर्व महामंत्री सतीश जोशी के संचालन में हुए सम्मान समारोह में तमाम लोगों ने विचार रखे। सेनानी परिजन विजय सिंह माहरा, महेश चौड़ाकोटी, राजेश ओली, प्रवीण ओली उर्फ पंकज और चंद्रमोहन जोशी ने अंग्रेजों के उत्पीड़न की दास्तान सुनाई।


सम्मानित हुए ये स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिजन:
सेनानी कालू सिंह माहरा के प्रपौत्र विजय सिंह माहरा, पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी के पुत्र महेश चौड़ाकोटी, पंडित हर्षदेव ओली के प्रपौत्र राजेश ओली, पंडित दुर्गा दत्त ओली के प्रपौत्र पंकज ओली और पंडित दामोदर जोशी के पुत्र चंद्रमोहन जोशी।
मौजूद थे ये पत्रकार:
लक्ष्मण सिंह बिष्ट, पंकज पाठक, दिनेश भट्ट, जीवन वर्ती, नवीन भट्ट, राजीव मुरारी और चंद्रशेखर जोशी।

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