चंपावत के सूखीढांग धूरा क्षेत्र से ताल्लुक है 7 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का
स्मारक अधूरा होने से राष्ट्रीय पर्व पर नहीं हो पा रहे कार्यक्रम
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति ने जताई नाराजगी
निर्माण के लिए बजट का इंतजार कर रही है कार्यदाई एजेंसी
देवभूमि टुडे
चंपावत। सूखीढांग धूरा क्षेत्र की पहचान 7 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से है। आजादी की जंग के सूरमाओं की इस धरती में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मारक लंबे समय से लटका है। सभी सातों दिवंगत सेनानियों की स्मृति में यहां बनाए गए स्मारक में उनकी प्रतिमा लगाई गई थी। लेकिन स्मारक की मरम्मत के बाद से उसका पुनर्निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इसे लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति ने नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
ये हैं 7 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी:
पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी, बेनीराम चौड़ाकोटी, पदमादत्त चौड़ाकोटी, जयदत्त चौड़ाकोटी, बची सिंह राना, चिंतामणि जोशी और चूणामणि जोशी।

2013 में हुआ था स्मारक का लोकार्पण:
सूखीढांग धूरा क्षेत्र में संस्कृति विभाग द्वारा 8 लाख रुपये से निर्मित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक का लोकार्पण 29 नवंबर 2013 को कुमाऊं के तत्कालीन मंडलायुक्त अवनींद्र सिंह नयाल ने किया था। इस स्मारक के लिए 1 नाली भूमि दिवंगत सेनानी पंडित रामचंद्र चौड़ाकोटी के पुत्र महेश चंद्र चौड़ाकोटी ने दान की थी।
स्मारक की मरम्मत व नवीनीकरण:
दो साल पूर्व सेनानियों के स्मारक की मरम्मत और नवीनीकरण का काम शुरू हुआ। लेकिन यह काम पूरा होना तो दूर काफी समय से लटका है।
काम में क्या आ रही अड़चन:
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक के काम के लिए 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी नवनीत पांडेय ने सीमांत विकास मद से 20 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। बाद में इस काम को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया। इस घोषणा का बजट अभी अवमुक्त नहीं हुआ है।

क्या कहती है सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति:
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष महेश चंद्र चौड़ाकोटी का कहना है कि स्मारक के नवीनीकरण का काम करीब दो साल से चल रहा है, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका है। यहां तक कि काफी समय से स्मारक क्षेत्र में कोई काम नहीं हो रहा है। अधूरे काम की वजह से राष्ट्रीय पर्व, जयंती, पुण्य तिथि जैसे पावन मौकों पर कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने काम को जल्द से जल्द पूरा कराने का आग्रह किया है। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाने का अल्टीमेटम भी दिया है।

क्या कहते हैं अधिकारी:
लोक निर्माण विभाग के चंपावत डिवीजन के अधिशासी अभियंता मोहन चंद्र पलड़िया का कहना है कि स्वतंत्रता सेनानी स्मारक के लिए सीमांत विकास मद से मिले 20 लाख रुपये का काम किया जा चुका है। इस धनराशि से फाउंडेशन और कॉलम का काम किया गया। बाद में स्मारक के मरम्मत कार्य को मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल किया गया। इसके लिए 189 लाख रुपये का आगणन भेजा गया है। स्मारक के निर्माण में कुछ मामूली बदलाव कराए गए हैं। इस संशोधन को भेजा जा चुका है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है।

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