क्वेरालाघाटी की बीर बालिका माया के अदम्य साहस ने, क्वेराला नदी में बहती बहिन व निज सहेली को बचाया।
राज्य के मुखिया एवं देश के गृह मंत्री के हाथों पुरस्कृत होकर, सम्पूर्ण देश में निज घाटी-जनपद व राज्य का मान बढ़ाया।
खुद घायल होकर भी जो तनिक घबराई नहीं कर्तव्य अपना करती रही, क्वेराला नदी भी माया की माया को समझ ना पाई वो खिसिया कर राह निज बहती रही।
अनन्त स्नेह-आशीष सबकी तरफ से है देता तुम्हें कवि शूल, निज कर्तव्य पथ पर निरन्तर बढ़ते रहना कभी भी करना ना तुम भूल।

जनकवि प्रकाश चन्द्र जोशी 'शूल'
सामाजिक चिंतक, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य।
क्वेरालाघाटी चम्पावत उत्तराखण्ड।
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