दो दिनी खंड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता का ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा ने किया शुभारंभ
पुरस्कृत हुए कनिष्ठ वर्ग के विजेता
देवभूमि टुडे
चंपावत। विकासखंड चंपावत में दो दिवसीय खंड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता आज 23 सितंबर से अटल उत्कृष्ट GIC चंपावत में शुरू हुई। पहले दिन कनिष्ठ वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोहरा, विशिष्ट अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. भुवन चंद जोशी, भाषा संस्थान के सदस्य डॉ. कीर्ति बल्लभ शकटा और क्षेत्र पंचायत सदस्य रजनी नरियाल ने कहा कि ये प्रतियोगिता न केवल विद्यार्थियों को मंच देती हैं, बल्कि देववाणी संस्कृत को जनवाणी के रूप में आगे बढ़ाने में भी मददगार है। प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में हुई प्रतियोगिता में चंपावत विकासखंड के कई विद्यालयों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक प्रशांत तिवारी और नीरज जोशी ने किया।
संस्कृत भाषा के संरक्षण पर दिया जोर:
मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख अँचला बोरा ने कहा कि संस्कृत हमारी संस्कृति और ज्ञान की जननी है। इसे जन-जन तक पहुँचाने और नई पीढ़ी में इसके प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे आयोजनों का निरंतर होना आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि डॉ.भुवन चंद जोशी ने कहा कि संस्कृत मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध विचार पद्धति है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत के अध्ययन से भारतीय मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।




BEO भारत जोशी ने बांटे पुरस्कार:
अंतिम सत्र में खंड शिक्षा अधिकारी भारत जोशी ने कनिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के प्रति ग्रामीण और दूरस्थ विद्यालयों के बच्चों का यह उत्साह सराहनीय है। भाषा के संवर्धन के साथ-साथ यह मंच बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कनिष्ठ वर्ग में हुईं ये 6 छह स्पर्धाएं:
श्लोक पाठ, संस्कृत नाटक,संस्कृत नृत्य,संस्कृत भाषण,
समूह गान और वाद-विवाद प्रतियोगिता
वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताएं कल:
खंड संयोजक संतोष तिवारी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कल 24 सितंबर को इसी मंच पर वरिष्ठ वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
आयोजन में इन लोगों ने किया सहयोग:
कमल जोशी, ओम प्रकाश जोशी, हरिशंकर गहतोड़ी, सामश्रवा आर्य, प्रशांत तिवारी, नीरज जोशी, पंकज पांडे, नवीन पुनेठा, नवीन जोशी, गणेश जोशी, बसंत बल्लभ जोशी, सोनी भट्ट, लीला बिष्ट एवं हीरा वल्लभ पांडे, चंद्रशेखर जोशी सहित कई शिक्षकों व सहयोगियों का सराहनीय योगदान रहा।
© 2026. All Rights Reserved.