पूर्णागिरी के अखंड धूनी स्थल में 13 अक्टूबर से कुमांऊनी भाषा में शुरू हुई थी श्रीमद्भागवत महापुराण कथा
देवभूमि टुडे
चंपावत/पूर्णागिरि धाम। पूर्णागिरी धाम के अखंड धूनी स्थल में कुमाऊंनी भाषा में तृतीय नवरात्र से शुरू श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भंडारे के साथ आज विजयदशमी को समापन हुआ। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व कल 19 अक्टूबर को कथा का पारायण पूरा होने के साथ हवन एवं यज्ञ हुआ था। व्यास पंडित गिरीशानंद शास्त्री महाराज ने 7 दिन तक पारायण किया था।


कथा के मुख्य यजमान पंडित कमलापति पांडेय, पंडित मोहन पांडेय, पंडित राजेंद्र तिवारी, पंडित महेश पांडेय, पंडित दयानंद पांडेय, पंडित सोनू पांडेय, पंडित पूरन पांडेय, पंडित मोहन पांडेय, मनोप सुरेश तिवारी मंजू पांडेय, लीलावती पांडेय, रज्जू तिवारी, भारती तिवारी, लक्ष्मी देवी, सीमा देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहयोग किया। पूर्णागिरी मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी, ग्राम प्रधान पंडित पंकज तिवारी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में मातृशक्ति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
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