Friday Oct 16, 2026

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के चंपावत परिसर के छात्रों ने कुलपति को ज्ञापन भेज दी आंदोलन की चेतावनी

बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी, बालिका छात्रावास का नहीं हो रहा संचालन

देवभूमि टुडे

चंपावत। क्या कोई सोच सकता है कि आदर्श जिले के उच्च शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र में बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अकाल हो सकता है? सवाल चौंकाता जरूर है, लेकिन इसका जवाब हां में है। ऐसी ही दुश्वारियों के समाधान को लेकर सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के चंपावत परिसर के कुछ जागरूक छात्र अब आवाज उठाने लगे हैं। 14 अक्टूबर को कैंपस के छात्र शुभम जोशी और जितेंद्र भट्ट ने इन मुद्दों को लेकर कैंपस के प्रभारी निदेशक डॉ. भवान सिंह के जरिए सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में इन मुद्दों के अलावा नव निर्मित बालिका छात्रावास के संचालन की भी मांग की गई है। 1 सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गर्ह है।

क्या है बिजली-पानी की दिव्कत?

विश्वविद्यालय के कैंपस परिसर में बिजली और पानी का कनेक्शन है, तो फिर समस्या क्या है? छात्र शुभम जोशी बताते हैं कि बिजली   गुल होने पर कोई वैकल्पिक इंतजामात नहीं है। प्रॉपर फिटिंग नहीं है। जनरेटर है, लेकिन उपयोग में नहीं आते। इनवर्टर की बैटरियां बदली, लेकिन इनवर्टर नहीं चलता। 4 लाख रुपये से आधिक के डिजिटल स्क्रीन ली गई है, लेकिन स्पीकर काम नहीं करते। पीने के लिए साफ पानी की उपलब्धता पर सवाल उठाए गए है। शौचालय में पानी की ठीक व्यवस्था नहीं है। पीने के पानी के लिए प्रॉपर फिल्टरिंग सिस्टम नहीं है।

7 करोड़ के छात्रावास व IT लैब को संचालन का इंतजार:

चंपावत। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के जुलाई 2024 से शुरू चंपावत परिसर में करीब 7 करोड़ रुपये से बालिका छात्रावास और IT लैब बनने के बावजूद उपयोग नहीं हो पा रहा है। वर्तमान शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन 50 बालिकाओं के लिए बने छात्रावास का संचालन शुरू नहीं हुआ है। इसी तरह IT लैब का ख़ूबसूरत भवन भी तैयार है, लेकिन कब शुरू होगा? कोई जानकारी नहीं।

IT लैब।
बालिका छात्रावास।






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