सितारगंज-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित फोरलेन चौड़ीकरण के मद्देनजर लिया गया निर्णय
आदेश प्रभाव से लागू, अधिसूचित प्रस्तावित भूमि पर भी रहेगा प्रतिबंध
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-125 (नया एनएच-09) के सितारगंज से टनकपुर खंड (52.200 किमी) तक प्रस्तावित फोरलेन चौड़ीकरण परियोजना को देखते हुए जिला प्रशासन ने 12 राजस्व गांवाें की भूमि रजिस्ट्री और भू-प्रकृति परिवर्तन पर रोक लगा दी है। जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने बताया कि परियोजना से प्रभावित होने वाले तहसील पूर्णागिरि (टनकपुर) क्षेत्र के 12 राजस्व ग्रामों में भूमि के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री व बैनामा तथा भूमि की प्रकृति परिवर्तन (कृषि से गैर-कृषि) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
प्रस्तावित राजमार्ग एलाइनमेंट की वर्तमान मध्य रेखा से दोनों तरफ 50-50 मीटर की परिधि में स्थित भूमि पर किसी भी प्रकार का लेनदेन या प्रकृति परिवर्तन अनुमन्य नहीं होगा। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा तैयार भूमि अधिग्रहण योजना और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 3-ए के अंतर्गत अधिसूचित, प्रस्तावित भूमि पर भी यह प्रतिबंध पूर्ण रूप से प्रभावी रहेगा। यह कदम भविष्य में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और विवादमुक्त रखने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि किसी प्रकार के अवैध लेनदेन, कृत्रिम मूल्य वृद्धि या अनधिकृत निर्माण की स्थिति उत्पन्न न हो। DM ने टनकपुर के SDM को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

इन गांवों पर रहेगा प्रतिबंध:
बमनपुरी, फागपुर, ज्ञानखेड़ा, पचपकरिया, भजनपुर, मोहनपुर, चंदनी, टनकपुर, मनिहारगोठ, बनबसा, देवरामपुर उर्फ सीतापुर और बिचई गांव।
खरीदफरोख्त में प्रशासन से जानकारी लें लोग:
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भूमि के संबंध में किसी भी प्रकार की खरीद-फरोख्त, निर्माण कार्य या आपसी समझौता करने से पूर्व प्रशासन से जानकारी अवश्य प्राप्त करें। जिला प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि अधिग्रहण से संबंधित सभी कार्यवाही नियमानुसार की जाएगी।
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