शहीद शिरोमणि चिल्कोटी गौड़ी-किमतोली मोटर मार्ग के 2 किलोमीटर 700 मीटर हिस्से के सुधारीकरण को मिली शासन की मंजूरी
11.64 करोड़ रुपये से पूरी होगी गौड़ी-किमतोली रोड
देवभूमि टुडे
चंपावत/लोहाघाट। शहीद शिरोमणि चिल्कोटी गौड़ी-किमतोली मोटर मार्ग की दशा सुधरेगी। इस सड़़क का 2 किलोमीटर 700 मीटर हिस्से के सुधारीकरण को मंजूरी मिल गई है। शासन ने इस सड़क के 12.150 से 14.850 किलोमीटर तक सुधारीकरण कार्य के लिए 2.06 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसमें से 10 हजार रुपये की राशि जिलाधिकारी के निवर्तन में रखी गई है। सड़क का सुधारीकरण होने पर क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
शहीद शिरोमणि चिल्कोटी गौड़ी-किमतोली रोड के शुरुआती 12.15 किमी हिस्से के सुधार का आगाज 9.58 करोड़ रुपये से 25 मार्च 2025 को हुआ था। तब गौड़ी से किमतोली के बजाय चिल्कोट तक ही रोड का सुधारीकरण हुआ था। अलबत्ता लोगों की मांग के बाद अब शासन ने इसके शेष 2 किलोमीटर 700 मीटर रोड के हिस्से यानी किमतोली तक मंजूरी दी है।

गुमदेश के विकास में मील का पत्थर:माधो सिंह अधिकारी
गुमदेश विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष माधो सिंह अधिकारी ने कहा कि सड़क सुधारीकरण से सीमांत गुमदेश क्षेत्र की बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा। क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी और अधिक बेहतर होने के साथ ग्रामीण आर्थिकी बेहतर होगी। उन्होंने चिल्कोट से किमतोली तक रोड को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दर्जा मंत्री श्याम नारायण पांडेय, मुकेश महराना, डीएम मनीष कुमार और लोनिवि के ईई हितेश कांडपाल का आभार जताया।

सीमांत को होगा लाभ, अगर चिल्कोट से खालगढ़ा तक जुड़े रोड:जनार्दन चिल्कोटी
चंपावत। बीते 2 दशक से शुरू गौड़ी-किमतोली रोड की कवायद अब पूरी होने को है। वहीं इस रोड के चिल्कोट गांव से खालगढ़ा तक जोड़े जाने की भी मांग की जाने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी जनार्दन चिल्कोटी का कहना है कि गौड़ी-किमतोली रोड एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन नेपाल सीमा से लगे रौसाल, खालगढ़ा क्षेत्र के लोगों को इस सड़क का लाभ तब मिल सकेगा, जब यह रोड चिल्कोट से खालगढ़ा तक जुड़ जाएगा। इस वक्त भी यह रोड चिल्कोट से खालगढ़ा तक बनी तो है, लेकिन बेहद जर्जर हाल में है। इस वजह से चिल्कोट से करीब 3 किलोमीटर खालगढ़ा तक रोड सुधारीकरण होने से सीमांत के लोगों को लाभ हो सकेगा। फिलहाल खालगढ़ा, रौसाल और सीमांत के लोगों को इस रोड से होते हुए जिला मुख्यालय आने के लिए किमतोली तक की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी।

© 2026. All Rights Reserved.