आश्वासन पर 45 दिनों के लिए उत्तराखंड में टला कार्यबहिष्कार
मानदेय बढ़ोत्तरी सहित कई मांगों को लेकर 4 अप्रैल से कर रहे थे आंदोलन
देवभूमि टुडे
चंपावत। उत्तराखंड में आंगनवाड़ी वर्कर्स का 4 अप्रैल से शुरू आंदोलन अब स्थगित हो गया है। संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा ने बताया कि प्रदेश संगठन की सरकार से हुई वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया। कहां कि सरकार की ओर से मानदेय की बढ़ोत्तरी को लेकर निर्णय लेने के लिए वक्त मांगा गया है। इसी के साथ आंगनवाड़ी वर्कर्स करीब 1 महीने के बाद काम पर लौट आई हैं।

9300 रुपये से बढ़ाकर मानदेय 24 हजार रुपये करने सहित कई मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/सेविका/मिनी कर्मचारी संगठन 4 अप्रैल से कार्य बहिष्कार पर थीं। आज सोमवार को संगठन की जिलाध्यक्ष मीना बोहरा ने कहा कि सरकार ने 45 दिन का समय मांगा है। आंगनवाड़ी संगठन की चंपावत ब्लॉक अध्यक्ष दीपा पांडेय, प्रदेश सदस्य विमला पानेरू, लीलावती जोशी, ब्लॉक सदस्य उमा त्रिपाठी, शांति गोस्वामी, सुनीता पांडेय आदि का कहना है कि यदि 45 दिन के भीतर मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो फिर से धरना शुरू कर दिया जाएगा।
वहीं इस आंदोलन को कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल ने समर्थन दिया। पहले दिन से आंदोलन का समर्थन कर रहीं UKD के जिलाध्यक्ष दीपेश शर्मा ने कहा कि पार्टी पूरी तरह से आंगनवाड़ी वर्कर के आंदोलन के साथ है। अगर 45 दिन में सरका में ठोस निर्णय न लिया तो UKD आंगनवाड़ी वर्कर्स के साथ फिर से खड़ी रहेगी। आज सोमवार को धरना स्थल पर UKD जिला उपाध्यक्ष संदीप भट्ट, महामंत्री विपिन शर्मा, गजेंद्र बोहरा, मीडिया प्रभारी संजय भट्ट, ब्लॉक अध्यक्ष ओम प्रकाश जोशी, ब्लॉक महामंत्री पीयूष तिवारी आदि मौजूद रहे।
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