चंपावत के सत्र न्यायालय का फैसला
सितंबर 2024 को बनबसा क्षेत्र में एक नाबालिय छात्रा के साथ स्कूल से घर वापस आते वक्त हुई थी छेड़खानी
देवभूमि टुडे
चंपावत। बनबसा क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के एक आरोपित को सत्र न्यायालय ने दोषी पाया है। चंपावत के विशेष सत्र न्यायाधीश (POCSO) जिला जज अनुज कुमार संगल ने आज 10 जून को अभियुक्त को सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है।
5 सितंबर 2024 को बनबसा क्षेत्र में 14 साल की दसवीं की एक छात्रा के साथ स्कूल से घर वापस आते वक्त छेड़खानी करने का रवि उर्फ गंठा पर आरोप लगा। वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई शुरू हुई। विशेष सत्र न्यायाधीश (POCSO) जिला जज अनुज कुमार संगल ने साक्ष्य, गवाह और बयानों के परीक्षण के बाद अभियुक्त को 4 धाराओं में दोषी पाया। इसके अलावा अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतनी होगी। साथ ही 3 धाराओं में अभियुक्त को दोषमुक्त भी किया गया। गुनाहगार रवि उर्फ गंठा (24) मीना बाजार बनबसा (स्थाई पता शाहजहांपुर के जलालाबाद का बिरिया गांव) का रहने वाला है।अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केएस राणा ने पैरवी की।
इन 4 धाराओं में सुनाई गई ये सजा:
BNS की धारा 74: 2 वर्ष का साधारण कारावास एवं ₹5 हजार अर्थदंड।
BNS की धारा 75: 2 वर्ष का कठोर कारावास।
BNS की धारा 126 (2): 1 महीने का साधारण कारावास।
POCSO की धारा 11/12: 2 वर्ष का साधारण कारावास एवं ₹5 हजार अर्थदंड।
इन 3 धाराओं में मिली दोषमुक्ति:
BNS की धारा 351 (3), 352 एवं POCSO की धारा 7/8
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