मोहन दास करमचंद गांधी/
अरु लाल बहादुर शास्त्री//
दोनों ही थे जन-जन के नायक/
थे आधुनिक राष्ट्र के राज मिस्त्री//
गांधी जी थे ईट नींव की/
तो शास्त्री जी थे गारा//
एक ने निजात दिलाई हमें गुलामी से तो/
दूजे ने हमें भुखमरी से था उबारा//
दिलाई मुक्ति हमें अंग्रेजी दास्तां से/
हमारे राष्ट्र नायक महात्मा गांधी ने//
थी चूल हिलाई तब बेमानों की/
शास्त्री जी की ईमानदारी की आंधी ने//
नारा एकता और अमन का लेकर/
इस धरा पर उतरे गांधी जी//
जय जवान-जय किसान का उद्घोष देकर/
विदा हुए इस जग से शास्त्री जी//
राष्ट्र नायक द्वय का आज हम/
वन्दन अभिनंदन हैं करते//
किसी भी राष्ट्र को शूल ऐसे महानायक/
बड़ी ही मुश्किल से हैं मिलते//
जनकवि प्रकाश चंद्र जोशी शूल निरौ सदन जोशीखोला क्वेरालाघाटी चम्पावत उत्तराखण्ड।

© 2026. All Rights Reserved.