-हिन्दी दिवस पर-
प्रकाश जोशी शूल*
ये हिन्द देश अपना शान अपनी हिन्दी /
ये है स्वदेश अपना
अभिमान अपनी हिन्दी /
अपमान क्यों समझते
तुम बोलने में इसको /
ये है परिवेश अपना
पहचान अपनी हिन्दी /
याद रखो! निज भाषा
निज आन-बान होती /
ये है सन्देश अपना
स्वाभिमान अपनी हिन्दी /
गुलाम करती भाषा
चाहे हो विदेशी कोई /
ये है आदेश अपना
सम्मान अपनी हिन्दी /
है गर्व हमें इस पर
इसे घमंड ना समझना /
नारा विषेश अपना
वरदान अपनी हिन्दी /
(कहता है शूल हिन्दी-हिन्दी-हिन्दी)
शूल कहे हिन्दी
अनुप्रास है हमारी /
ये है श्लेष अपना
रसखान अपनी हिन्दी /
जनकवि शूल निरौ सदन जोशीखोला क्वेरालाघाटी चम्पावत उत्तराखण्ड
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