Wednesday May 6, 2026
गांधी
(30-Jan-2026)

हमारे आदर्श ही नहीं, वरन हमारी परम्परा हैं गांधी।

सत्य से सींचकर अहिंसा बोई जाती है, जिसमें वो पावन धरा हैं गांधी।

जोश में लाल शांति में सफेद तो, खुशहाली का रंग हरा हैं गांधी।

स्वस्थ लोकतंत्र के हर मानकों में शत-प्रतिशत शुद्ध अर्थात खरा हैं गांधी।

फिर तू ये क्यों कहता है शूल कि दुबले-पतले-जरा हैं गांधी।

जनकवि प्रकाश जोशी शूल, क्वेरालाघाटी चंपावत।




Share on Facebook Share on WhatsApp

© 2026. All Rights Reserved.