चंपावत जिले में 2023 से 2025 के दौरान लिए गए थे नमूने
चंपावत के न्याय निर्णायक अधिकारी ने कुल 4.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पिछले 3 वर्षों में विभिन्न स्थानों से लिए गए खाद्य नमूनों में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कंपनियों और कारोबारियों पर जुर्माना लगाया गया है। खाद्य पदार्थों के 7 नमूने अधोमानक पाए गए। खाद्य विश्लेषक रुद्रपुर की रिपोर्ट के आधार पर इन मामलों में न्यायालय में वाद दायर किए गए थे। इन मामलों का निस्तारण करते हुए न्याय निर्णायक अधिकारी ADM केएन गोस्वामी ने कुल 4.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जनवरी 2023 में टनकपुर से लिए गए नेचर फ्रेश पुरिता सरसों तेल के नमूने में हाई बीआर वैल्यू पाए जाने पर राजस्थान स्थित कंपनी पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अक्तूबर 2024 में चंपावत से लिए गए अजवाइन के नमूने में गड़बड़ी मिलने पर कानपुर की कंपनी पर 50 हजार रुपये, मई 2024 में बनबसा से लिए गए मिठाई के नमूने में कमी मिलने पर संबंधित कारोबारी पर 20 हजार रुपये, दिसंबर 2021 में लोहाघाट से लिए गए नमक के नमूने में आयोडीन की अधिक मात्रा मिलने पर 55 हजार रुपये, बनबसा से लिए गए एक अन्य नमूने में वसा की मात्रा कम मिलने पर गुजरात की कंपनी पर 50 हजार रुपये और मार्च 2025 में टनकपुर और लोहाघाट डेयरी से लिए गए नमूनों के अधोमानक पाए जाने पर क्रमशः 25 हजार और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
प्रयोगशाला भेजे 2 सेंपल:
चंपावत। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चंपावत बाजार स्थित एक मॉल का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के रखरखाव, गुणवत्ता और अभिलेखों की जांच की।13 अप्रैल को टीम ने रस्क और रोस्टेड सूजी के 2 नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजे हैं। अभियान में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी और सहायक दिनेश फर्त्याल शामिल थे।

© 2026. All Rights Reserved.