Wednesday Feb 4, 2026

इकॉलोजी से बढ़ाएंगे इकॉनोमी और इनावायरमेंट

उत्तराखंड वन विभाग के मुखिया रंजन कुमार मिश्र का चंपावत जिले का दो दिनी दौरा संपन्न

एक जिला एक डिविजन पर चल रही है चर्चा, लेकिन अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं

चंपावत जिले के चौड़ीपत्ती के जंगल को बचाना जरूरी

देवभूमि टुडे

चंपावत। अदभुत जिला है चंपावत। पर्यटन की अपार संभावना है। मैं अभिभूत हूं। दो दिन के चंपावत जिले के दौरे के बाद ये कहना है कि उत्तराखंड वन विभाग के मुखिया HoFF (हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स) रंजन कुमार मिश्र का। उनका कहना है कि चंपावत जिले के काफी बड़े हिस्से में चौड़ीपत्ती का जंगल है। इसे बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। वनों को संरक्षित करते हुए आय संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की थीम (इकॉलोजी, इकॉनोमी और इनावायरमेंट) को जमीन में उतार संतुलित और समग्र विकास किया जाएगा।

हॉफ रंजन कुमार मिश्र।

प्रमुख वन संरक्षक मिश्र ने कहा कि चंपावत ही नहीं, उत्तराखंड के कई डिवीजनों में डीएफओ के स्तर के अधिकारियों की कमी है। चंपावत में डीएफओ की तैनाती जल्द कराने के प्रयास होंगे। उत्तराखंड के कई जिलों में एक से अधिक डिवीजन है। एक जिला एक डिविजन पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसे लेकर चर्चा चल रही है। जो भी निर्णय होगा, जनहित के दृष्टिगत होगा।

मानव-वन्य जीव संघर्ष से बचाव विभाग की शीर्ष प्राथमिकता है। इसके लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। इस साल अब तक भालू के हमले में ही 23 लोग मारे गए और 101 घायल हुए हैं। भालू से होने वाली फसल क्षति की भरपाई करने की योजना भी है। HoFF मिश्र ने कहा कि उत्तराखंड में भालू और तेंदुए के लिए राहत केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों में पकड़े गए तेंदुओं और भालुओं को रखा जाएगा।

दावाग्रि, भूकटाव से बचाव के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बरसात में फलदार पौधों का 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत रोपण किया जाएगा। जैविक कूड़े से बचाव भी जरूरी है। HoFF ने कहा कि दावाग्रि से बचाव के लिए वन विभाग सालभर तैयारी कर रहा है। इसमें जन सहयोग भी जरूरी है। बरसात में भूमिगत पानी को बचाने के लिए पौधारोपण और अन्य उपाय किए जा रहे हैं। प्रदेश में वन पंचायत के सरपंच सहित दो बड़े सम्मेलन होंगे। पिरूल प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। चंपावत के भिंगराड़ा क्षेत्र में पिरूल से रोजगार को जोड़ने के लिए काम हो रहा है। चंपावत के दो दिनी दौरे में प्रमुख वन संरक्षक ने प्रभाग दिवस पर गोष्ठी के अलावा टनकपुर और चंपावत के कई क्षेत्रों का मुआयना किया।




Share on Facebook Share on WhatsApp

© 2026. All Rights Reserved.