Wednesday Jul 8, 2026

चंपावत के सत्र न्यायालय का फैसला

अक्टूबर 2022 को लोहाघाट के कलीगांव टूणा गांव में बड़ियाट के हमले से जख्मी लीलावती उर्फ नीलावती की मौत हो गई थी

देवभूमि टुडे

चंपावत। गैर इरादतन हत्या के एक अभियुक्त को चंपावत के सत्र न्यायालय ने दोषी माना है। अभियोजन पक्ष की पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने गुनाहगार को 5 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

आरोपों के मुताबिक 13 अक्टूबर 2022 को लोहाघाट के कलीगांव टूणा गांव में भुवन राय (41) निवासी कलीगांव टूणा ने बड़ियाट से हमला कर लीलावती उर्फ नीलावती देवी को बुरी तरह जख्मी कर दिया था। बाद में लीलावती उर्फ नीलावती देवी की इलाज के दौरान 18 अक्टूबर को मौत हो गई थी। मौत के बाद पुलिस ने हमले के आरोपित भुवन राय के खिलाफ 13 अक्टूबर को दर्ज मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा भी जोड़ी।

 

वहीं इससे पूर्व 18 अक्टूबर 2022 को भुवन राय की पत्नी ने नीलावती देवी, उनके बेटे शेखर चंद्र राय और शेखर की पत्नी माधवी देवी उर्फ मधुली के खिलाफ क्रास FIR दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों के खिलाफ IPC की धारा 323, 504 एवं 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

आरोपपत्र दायर होने के बाद अदालत में दोनों मामलों की सुनवाई शुरू हुई। तमाम साक्ष्य, बयान, गवाही और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद सत्र न्यायालय ने भुवन राय को दोषी पाया। 7 जुलाई को सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने गुनाहगार भुवन राय को 5 साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। 16 अक्टूबर 2022 से अब तक जेल में व्यतीत अवधि को मुख्य सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। वहीं शेखर चंद्र राय और माधवी देवी उर्फ मधुली को न्यायालय ने सभी आरोपों से बरी किया।




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