शासन ने जारी किया आदेश
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सल्ली, पल्सों, डूंगरालेटी के अलावा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम का उच्चीकरण हुआ
31 अगस्त 2022 से 30 अगस्त 2023 के बीच CM ने चंपावत जिले के 10 हाईस्कूलों को इंटर करने का किया था ऐलान, लेकिन इनमें से अब तक 3 ही हुए उच्चीकृत
देवभूमि टुडे
चंपावत। चंपावत जिले के 3 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का उच्चीकरण हो गया है। अब ये तीनों स्कूल अपग्रेड होकर राजकीय इंटर कॉलेज हो जाएंगे। शासन ने इस संबंध में 25 अगस्त को आदेश जारी किया है। इसके अलावा एक राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम को भी उच्चीकृत कर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का दर्जा दिया गया है।
उच्चीकृत विद्यालयों में से 2 (सल्ली और पल्सों) वे हैं, जिनका मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 अगस्त 2022 को ऐलान किया था। इसके अलावा पासम एवं डुंगरालेटी का भी उच्चीकरण किया गया है। इन सभी विद्यालयों के लिए प्रधानाध्यापक, प्रधानाचार्य और शिक्षकों के पदों को भी सृजित किया गया है। वैसे शासन ने प्रदेश में 7 राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय और 35 राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को उच्चीकृत करने का आदेश जारी किया है। इन स्कूलों के उच्चीकृत होने से छात्र-छात्राओं को अपने गांवों के पास के ही स्कूलों में पढ़ाई का लाभ मिलेगा।




चंपावत जिले के उच्चीकृत विद्यालय:
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पासम।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सल्ली, पल्सों एवं डूंगरालेटी।
अप्रैल में उच्चीकृत हुआ था तलियाबांज:
इससे पूर्व इसी साल अप्रैल 2026 में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तलियाबांज को उच्चीकृत कर जीआईसी का दर्जा दिया गया था। इस स्कूल को उच्चीकृत करने का सीएम ने 31 अगस्त 2022 को ऐलान किया था। तलियाबान में इसी शिक्षा सत्र से 11वीं में प्रवेश किए गए। स्कूल में 11वीं कक्षा में 35 विद्यार्थी पढ़ रहे है।
लेकिन 7 स्कूलों का सपना टूटा:
इस साल अप्रैल में 1 और इस माह अगस्त में चंपावत जिले के 4 विद्यालयों का उच्चीकरण हो गया। स्कूल के उच्चीकरण से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को नजदीक में पढ़ाई का लlभ मिलेगा। लेकिन 7 विद्यालयों का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 31 अगस्त 2022 को 7 और 24 फरवरी 2023, 14 अप्रैल 2023 व 30 अगस्त 2023 को एक-एक (कुल 10) राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के उच्चीकरण का ऐलान किया था। मगर कल के आदेश के बावजूद इनमें से 7 स्कूलों का उच्चीकरण नहीं हुआ। फुंगर, मौराड़ी, गोली, धूरा, डुंगराबोरा, नरसिंह डांडा और बिरगुल का उच्चीकरण नहीं हो सका। इन स्कूलों के आसपास के छात्र, अभिभावक एवं ग्रामीणों का उच्चीकरण का इंतजार कब खत्म होगा?
क्या कहते हैं अधिकारी:
मुख्य शिक्षाधिकारी मान सिंह का कहना है कि सभी विद्यालयों के उच्चीकरण के प्रस्ताव भेजे गए हैं। उच्चीकृत नहीं हुए विद्यालयों को अपग्रेड करने के लिए फिर से प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
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