Wednesday Oct 14, 2026

1 अभियुक्त को 7 साल एवं 2 अभियुक्तों को 5-5 साल का साधारण कारावास, अर्थदंड भी, जुर्माना नहीं चुकाने पर अतिरिक्त सजा

1 अक्टूबर 2020 को टनकपुर मनिहारगोठ तिराहे से 2 आरोपियों से बरामद हुई थी 3 लाख रुपये की नकली करेंसी

तीसरे आरोपी की दुकान से 1 लाख रुपये की नकली करेंसी एवं नकली करेंसी बनाने में आने वाली कई अन्य सामग्री बरामद हुई थी

देवभूमि टुडे

चंपावत। नकली करेंसी के साथ 6 साल पूर्व गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी पाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने बताया कि चंपावत के सत्र न्यायालय ने आज 13 अक्टूबर को दो अभियुक्तों को 5-5 साल की, जबकि तीसरे को 7 साल के साधारण कारावास की सजा का आदेश दिया है। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

 

1 जुलाई 2020 को टनकपुर के मनिहारगोठ तिराहे से पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम ने दो आरोपियों के पास से 3 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की थी। बृजकिशोर (29) निवासी बगनैरा, पीलीभीत उत्तर प्रदेश के कब्जे से 2.40 लाख रुपये और रियाज अहमद (25) निवासी बगनैरा, जिला पीलीभीत के कब्जे से 60 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई थी। जबकि तीसरे आरोपी मझोला के हरदेव सिंह (27) निवासी ग्राम टुकड़ी थाना नानकमत्ता ऊधमसिंह नगर से उसके जनसेवा केंद्र से 1 लाख रुपये की नकली करेंसी और नकली करेंसी बनाने में उपयोग में आने वाली कई अन्य सामग्री बरामद की गई थी।

तीनों आरोपियों के खिलाफ टनकपुर थाने में 1 जुलाई 2020 को आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने IPC की धारा 489 A, 489 C और 489 D में मुकदमा दर्ज किया था। आरोप पत्र दायर होने के बाद अदालत में मामले सुनवाई शुरू हुई। विभिन्न साक्ष्य, दस्तावेजों, गवाहों के बयानों के साथ ही दलीलों के परीक्षण के बाद चंपावत के सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।

अभियुक्तों को दी गई ये सजा:

हरदेव सिंह

IPC की धारा 489 A में 7 वर्ष का साधारण कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना। अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

IPC की धारा 489 C में 5 वर्ष का साधारण कारावास एवं 25 हजार रुपये जुर्माना। अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

रियाज अहमद एवं बृजकिशोर:

IPC की धारा 489 A व 489 D में दोषमुक्त।

IPC की धारा 489 C में 5-5 वर्ष का साधारण कारावास एवं 25-25 हजार रुपये का जुर्माना। अर्थदंड नहीं देने पर 6-6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।






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