खिरद्वारी, थपलियालखेड़ा सहित चंपावत जिले के 27 तोकों के लोगों की दिवाली पहली बार जगमगा रही है
फिर भी चंपावत जिले में 47 तोकों में हैं उजाले की दरकार
देवभूमि टुडे
चंपावत। आज 8 नवंबर को रोशनी का पर्व दिवाली है। अमावास की रात हर तरफ जगमग करेगी। लेकिन इस बार कुछ ऐसे सुदूर और सीमांत ग्रामीण इलाके हैं, जिनकी दिवाली खास है। जिनकी जिंदगी मेें सचमुच का उजाला हुआ है। अंधेरा छंटा है। जी हां उनकी रात रोशन हुई है। वैसे बीते 1 साल में ऐसे 27 तोक हैं, जहां बिजली की जगमगाहट ने अंधेरे को दूर किया है। वैसे अभी 47 तोक ऐसे भी हैं, जो अभी भी अंधेरे में जी रहे हैं।
तीन तरफ नेपाल सीमा से घिरा थपलियालखेड़ा गांव से लेकर जिले का अकेला जनजाति बहुल गांव खिरद्वारी तक में पहली बार यह दिवाली खास होगी। आज उनके घरों में रात में रोशनी सिर्फ मिट्टी के दियों की ही नहीं होगी, बल्कि बल्बों का भी उजाला होगा। थपलियालखेड़ा गांव के 45 परिवार और 249 की आबादी को, तो खिरद्वारी में 53 से अधिक परिवार के 217 लोगों को इस रोशनी का अहसास होगा। वैसे चंपावत जिले के कुल 27 तोकों के लोगों की दिवाली इस बार प्रकाशमान हुए हैं।



क्या कहते हैं अधिकारी:
चंपावत डिवीजन में बीते एक साल में 27 तोकों में बिजली पहुंची है। सभी तोकों में कनेक्शन भी दिए जा चुके हैं। शेष बचे तोकों को मुख्यमंत्रीघोषणा के अंतर्गत विद्युतीकरण करने की कवायद चल रही है। जल्द ही बचे हुए तोकों में भी उजाला पहुंच जाएगा।

गोविंद सिंह कार्की,
अधिशासी अभियंता,
यूपीसीएल, चंपावत।
इन तोकों मेंं हुआ उजाला:
थपललियालखेड़ा, खिरद्वारी, तल्ली गंगसीर, मल्ली गंगसीर, चूका, सीम, खेत, आमड़ा, निगाली, कलसुनिया, डांडा मल्ला, मछियाड़, धूरा, पीपलढींग, गरसाड़ी, कोटला, गुरखाली, चौड़ा गांव, लीदू, खतियानी, बरतोली, खेतखेड़ा, काकंडी, खुदकुड़ी, निडिल एवं गठला।
ऊर्जा निगम अधिकारी-कर्मियों की लगी विशेष ड्यूटियां:
दिवाली में बिजली की समस्या से निपटने के लिए ऊर्जा निगम अधिकारी-कर्मियों की विशेष ड्यूटियां लगाई गई हैं। तीनों उप खंडों में उप खंड अभियंता मयंक भट्ट, आयुष चंद एवं महेंद्र सिंह जंगपांगी व्यवस्था सुचारू करने के लिए मुस्तैद हैं।
उर्जा निगम के अधिशासी अभियंता गोविंद सिंह कार्की ने बताया कि दिवाली के दौरान पावर कट आदि की समस्याओं से निपटने के लिए जिले के चारों विकासखंडों के अलावा जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर-बनबसा में सहायक अभियंताओं और कनिष्ठ अभियंताओं के साथ ही अन्य कर्मचारियों की विशेष ड्यूटियां लगाई गई हैं। घरों में बिजली की मालाओं की सजावट आदि के चलते बिजली की खपत में सामान्य की अपेक्षा 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होती है। इसके लिए फीडरों में ट्रिपिंग की समस्या को ठीक करने के साथ सभी वैकल्पिक उपाय किए गए हैं।
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