रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने टनकपुर डिपो की खस्ता हालत को सुधारने की मांग
ऑफ रूट बसों को ऑन रूट करने सहित कई बिंदुओं पर उठाई आवाज
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद (ट्रैफिक शाखा) ने कई बसों की खस्ताहालत के चलते धरना दिया। आज 13 अप्रैल को शाखा अध्यक्ष कौशल कर्नाटक और मंत्री पंकज पंत के नेतृत्व में टनकपुर में हुए धरने में संगठन ने कहा कि निगम की काफी बसों की दशा बेहद खराब हैं। कई रुटों पर रोडवेज बस सेवा का संचालन नहीं होने से यात्रियों को असुविधा के साथ ही निगम की आय पर मार पड़ रही है।

परिषद ने कहा कि निगम प्रबंधन की अक्षमता की वजह से टनकपुर डिपो की आय में गिरावट आ रही है। और इस वक्त टनकपुर डिपो 15वें स्थान से भी नीचे है। कम आय का असर न केवल दैनिक वेतनभोगी, विशेष श्रेणी और संविदा कर्मचारियों पर बल्कि नियमित कर्मियों पर भी पड़ रहा है। परिषद ने बस सेवाओं को बढ़ाने, ऑफ रुट बसों को ऑन रूट करने की मांग दोहराई है। कहा कि जब तक रोडवेज की डिपो में खड़ी बसों को ऑन रोड नहीं किया जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
धरना देने वालों में संजीव कुमार, भूपाल सिंह, विक्रम सिंह, विनोद नौटियाल, नरेंद्र तिवारी, नवीन कुंवर, भरत पाठक, प्रवीण जोशी, हरीश जोशी, दीपक बिष्ट, जगदीश सामंत, डिगर सिंह, मोहित, अमित पाल, कमल रावत आदि शामिल थे।
ये हैं प्रमुख मांगें:
1.2019 मॉडल की 11 बसें ऑफ रूट हैं।
2.लाभ में चलने वाली टनकपुर-धारचूला रुट पर एक दिन छोड़कर बस सेवा चल
रही है। इस बस को नियमित रूप से चलाया जाए।
3.टनकपुर-जयपुर मार्ग की सेवा 15 दिन से बंद है।
4.कई ऐसे मार्गो पर बस सेवा चलाई जा रही है, जहां कम आय हो रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी:
रोडवेज के टनकपुर डिपो में कुल 107 बसें हैं। खराब हालत के चलते 16 बसों को सरेंडर किया जा रहा है। कई बसों के उपकरण नहीं होने से ऑफ रूट हैं। डिपो से पहाड़ी मार्गों पर बेड़ीनाग, धारचूला, गैरसैंण और नैनीताल की बस सेवा है। खराब बसों को ठीक करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
केएस राणा,
सहायक महाप्रबंधक, टनकपुर डिपो।
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