Monday Jun 1, 2026

दुग्ध सचिव संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह बिष्ट ने साइलेज में पूर्व की भांति सब्सिडी देने की मांग की

देवभूमि टुडे

चंपावत/लोहाघाट। पशुपालकों को मुख्यमंत्री घसियारी योजना के तहत मिलने वाले पशु आहार (साइलेज) में सरकार की ओर से मिलने वाले अंशदान को कम करने का विरोध शुरू हो गया है। दुग्ध सचिव संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह बिष्ट ने इस कदम को पशुपालकों को हतोत्साहित करने वाला बताया है। 

दुग्ध सचिव संघ के जिलाध्यक्ष राजेश सिंह बिष्ट।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घसियारी योजना के तहत पशुपालकों को मिलने वाले साइलेज (संरक्षित हरा चारा) और पशु आहार पर सरकारी सब्सिडी अंशदान में पहले चंपावत दुग्ध संघ  से साइलेज 3.70 किलो के हिसाब से मिलता था, लेकिन अब उसकी पूर्ण दर 9 से 10 रुपये किलो कर दी गई है। पशु आहार के 50 किलो की कीमत 930 से बढ़ाकर 1050 रुपये कर दी गई है। सहकारी समिति से साइलेज 2.50 से बढ़ाकर 3.60 प्रति किलो हो गया है। योजना के तहत सरकार पिछले कई वर्षों से 80% सब्सिडी देती थी, लेकिन अब यह अंशदान कम होने से पशुपालकों पर भारी बोझ पड़ रहा है। साइलेज में बढ़ोतरी से पशुपालकों की आर्थिक स्थिति और आजीविका पर बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पलायन रोकने और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण है, लेकिन अब पशुपालकों के सामने मुश्किल हो गई है। कई पशुपालकों ने ऋण लेकर पशुपालन शुरू किया है। उन्होंने बढ़ाई गई दरों को तत्काल वापस लेने और पुरानी दरों पर सब्सिडी बहाल करने की मांग की है। बिष्ट ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों की समस्या का समाधान नहीं किया, तो बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक दूध संग्रह और आपूर्ति बंद करने को मजबूर होंगे।




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