देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। सरस कॉर्बेट महोत्सव में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने मधुबनी व माडर्न पेंटिंग की बारीकियां सीखीं। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ चित्रकार एवं ‘कला दीर्घा’ अंतर्राष्ट्रीय दृश्य कला पत्रिका के संपादक डॉ. अवधेश मिश्र ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को रंगों के संतुलन, रेखाओं की सटीकता, विषय चयन, संरचना तथा अभिव्यक्ति की शैली पर विस्तार से जानकारी दी।
3 दशकों के सृजनात्मक अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कला में अनुशासन, समय प्रबंधन एवं नैतिक प्रतिबद्धता को सफलता की अनिवार्य शर्त बताया। व्यावहारिक सत्र में प्रतिभागियों को मधुबनी एवं आधुनिक शैली की पेंटिंग बनाने का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट एवं आकर्षक कलाकृतियां तैयार की। कार्यशाला में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कलाचार्य ने भी प्रतिभागियों को लोक कलाओं एवं समकालीन कला की विशेषताओं से अवगत कराया। उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपण कला सहित देश की विविध लोक कलाओं की विशिष्टताओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को सृजनात्मकता, रंग संयोजन एवं रेखांकन की बारीकियां सिखाई गईं। इस अवसर पर सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित हुआ। विद्यार्थियों को महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणा लेने, आत्मविश्वास विकसित करने, अनुशासन अपनाने एवं राष्ट्रीय विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में CEO मेहरबान सिंह बिष्ट, APD विमी जोशी, उद्योग विभाग के सहायक प्रबंधक पंकज तिवारी, विकास नेगी, प्रिया रावत, विश्व दीपक, अरविंद जोशी, अर्पित शर्मा, रियांशु गुप्ता, पलक मिश्रा आदि मौजूद थे।


महिलाओं को पहचाननी होगी अपनी क्षमता: श्वेता
देवभूमि टुडे
चंपावत/टनकपुर। सरस कॉर्बेट महोत्सव के दौरान आज शनिवार को टनकपुर नगर पालिका सभागार में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम हुआ। प्रसिद्ध कलाकार श्वेता महरा ने कार्यक्रम में महिलाओं से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर विचार रखे। कहा कि महिलाओं को आगे आकर अपनी प्रतिभा और क्षमता को पहचानना होगा। इस दौरान अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पांच महिलाओं को सम्मानित किया गया। ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भरता की मिशाल पेश करने वाली गौरी देवी, पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाली दीपा देवी, पारंपरिक ऐपण कला को बढ़ावा देने वाली कनिका ठाकुर, समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली उर्मिला चंद और अधिवक्ता के रूप में महिलाओं के अधिकारों की आवाज बुलंद करने वाली एडवोकेट ऋतु सिंह सम्मानित किया गया। संचालन असिसटेंट प्रोफेसर अलप महर ने किया। इस मौके पर नितिन मंगला, समीर सिंह, मनीष बिष्ट, मयंक पंत, सौरभ पांडे, भौमिक, नितिन, प्रियांशु, मीनाक्षी, प्रियंका, आरती, भावना, हिमांशी, कोमल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
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