Friday Jun 5, 2026

चंपावत के सत्र न्यायालय का आदेश

नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर निवासी बलवंत सिंह चिलवाल ने युवती को विवाह का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए

10 वर्ष का साधारण कारावास,  50 हजार रुपये का अर्थदंड सुन

अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास

देवभूमि टुडे

चंपावत। विवाह का झांसा देकर जबरन संबंध बनाने के आरोपित एक युवक फौजी को अदालत ने दोषी पाया है। चंपावत के सत्र न्यायालय ने गुनाहगार व्यक्ति को कल 4 जून को सजा का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की।

 

पीडिता की पिता की तहरीर पर 19 मार्च 2024 को रीठा साहिब थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत एक युवक पर मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप था कि बलवंत सिंह चिलवाल निवासी ग्राम चमोली खन्स्यूं मुक्तेश्वर नैनीताल ने एक युवती को शादी का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप लगा कि अभियुक्त बाद में शादी से मुकर गया। और जब शादी के लिए राजी भी हुआ, तो दहेज की मांग करने लगा।

आरोप पत्र दायर होने के बाद सत्र न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई। विभिन्न दस्तावेज, साक्ष्य, बयानों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराया। सत्र न्यायाधीश जिला जज अनुज कुमार संगल ने गुनाहगार बलवंत सिंह चिलवाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के अंतर्गत 10 वर्ष का साधारण कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। विवेचना, विचारण के दौरान जेल में  बीताई गई अवधि का समायोजन मुख्य सजा की अवधि में किया जाएगा। अलबत्ता अभियुक्त को दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोप से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है।




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